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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में छोटे ऑपरेशन शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में माइनर ओटी शुरू हो गई है, जबकि जल्द ही बड़े ऑपरेशन होने भी शुरू हो जाएंगे। करीब तीन माह से बंद ओटी अब जल्द ही पूरी तरह से संचालित होगी।
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं होने से तीन माह से ओटी ठप थीए जबकि पुराने भवन से नए भवन में ओटी की व्यवस्था आने से माइनर ओटी भी ठप हो गई थी। माइनर ओटी संचालित हो गई। जल्द ही एनेस्थीसिया के डॉक्टर के मिलने से बड़े ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज में इकलौते एनेस्थिसिया विशेषज्ञ होने के कारण स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में ही ऑपरेशन हो रहे थे। अब एक और विशेषज्ञ तैनात होंगे तो आर्थो एवं सर्जरी विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में उधार के डॉक्टर होने से मरीजों की समस्या बढ़ी थी, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, जबकि कई माह बाद ओटी शुरू होने से मरीजों को गोरखपुर व लखनऊ का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर की नियुक्ति जल्द ही हो जाएगी। इससे मरीजों को रेफर नहीं होना पड़ेगा, जबकि छोटे ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में माइनर ओटी शुरू हो गई है, जबकि जल्द ही बड़े ऑपरेशन होने भी शुरू हो जाएंगे। करीब तीन माह से बंद ओटी अब जल्द ही पूरी तरह से संचालित होगी।
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया के डॉक्टर नहीं होने से तीन माह से ओटी ठप थीए जबकि पुराने भवन से नए भवन में ओटी की व्यवस्था आने से माइनर ओटी भी ठप हो गई थी। माइनर ओटी संचालित हो गई। जल्द ही एनेस्थीसिया के डॉक्टर के मिलने से बड़े ऑपरेशन भी शुरू हो जाएंगे।
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मेडिकल कॉलेज में इकलौते एनेस्थिसिया विशेषज्ञ होने के कारण स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में ही ऑपरेशन हो रहे थे। अब एक और विशेषज्ञ तैनात होंगे तो आर्थो एवं सर्जरी विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में उधार के डॉक्टर होने से मरीजों की समस्या बढ़ी थी, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा, जबकि कई माह बाद ओटी शुरू होने से मरीजों को गोरखपुर व लखनऊ का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि एनेस्थीसिया के डॉक्टर की नियुक्ति जल्द ही हो जाएगी। इससे मरीजों को रेफर नहीं होना पड़ेगा, जबकि छोटे ऑपरेशन किए जा रहे हैं।