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दुर्लभ प्रजाति के उल्लू के छह बच्चे मिले
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बिस्कोहर के मंगल बाजार स्थित मकान में मिले पक्षी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दुर्लभ प्रजाति के उल्लू के छह बच्चे मिले
बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर के मंगल बाजार स्थित बंद पड़े मकान के पीछे शनिवार दोपहर को दुर्लभ प्रजाति के उल्लू की शक्ल के छह बच्चे मिले हैं। जानकारी तब हुई जब सभी बच्चे मकान के झरोखे से गिरकर नीचे पड़े थे। उन्हें देखने के लिए भीड़ जुट गई।
लोग अजीब से पक्षी को देखकर आश्चर्य कर रहे थे। मोहल्ला निवासी शाहिद ने बताया कि उनके घर के पीछे काफी दिनों से नर, मादा पक्षी रहते थे। कुछ माह पहले दोनों उनके घर के बगल हाजी मोहर्रम अली के बंद पड़े मकान के पीछे रहने लगे। करीब एक माह पूर्व मादा ने छह बच्चों को जन्म दिया है, लेकिन ये कौन से पक्षी हैं, नहीं पता।
मोहल्ला निवासी राजू गुप्ता, कल्लू, विद्या प्रकाश, छोटकन, राम नरेश आदि का कहना है कि इनके आकार से पता चलता है कि ये गरुड़ पक्षी की तरह हैं। वन विभाग को चाहिए कि नर-मादा सहित सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने का प्रबंध करे। शाहिद, कल्लू आदि ने वन विभाग डुमरियागंज से संपर्क साधा। वन विभाग के दरोगा का मोबाइल फोन ऑफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।
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बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर के मंगल बाजार स्थित बंद पड़े मकान के पीछे शनिवार दोपहर को दुर्लभ प्रजाति के उल्लू की शक्ल के छह बच्चे मिले हैं। जानकारी तब हुई जब सभी बच्चे मकान के झरोखे से गिरकर नीचे पड़े थे। उन्हें देखने के लिए भीड़ जुट गई।
लोग अजीब से पक्षी को देखकर आश्चर्य कर रहे थे। मोहल्ला निवासी शाहिद ने बताया कि उनके घर के पीछे काफी दिनों से नर, मादा पक्षी रहते थे। कुछ माह पहले दोनों उनके घर के बगल हाजी मोहर्रम अली के बंद पड़े मकान के पीछे रहने लगे। करीब एक माह पूर्व मादा ने छह बच्चों को जन्म दिया है, लेकिन ये कौन से पक्षी हैं, नहीं पता।
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मोहल्ला निवासी राजू गुप्ता, कल्लू, विद्या प्रकाश, छोटकन, राम नरेश आदि का कहना है कि इनके आकार से पता चलता है कि ये गरुड़ पक्षी की तरह हैं। वन विभाग को चाहिए कि नर-मादा सहित सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखवाने का प्रबंध करे। शाहिद, कल्लू आदि ने वन विभाग डुमरियागंज से संपर्क साधा। वन विभाग के दरोगा का मोबाइल फोन ऑफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।
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