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Siddharthnagar News: पुल नहीं तो वोट नहीं, कूड़ा नदी में उतरकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

Sat, 10 Oct 2026 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 10 Oct 2026 12:25 AM IST
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Siddharthnagar News: villagers staged a protest by stepping into the garbage-filled river
उसका बाजार के बरदहा और कठहा को जोड़ने पुल निर्माण की मांग को लेकर जल सत्याग्रह करते ग्रामीण। स्
- बरदहा-कठहा को जोड़ने के लिए पुल निर्माण की मांग, बोले- पहले नींव डलेगी, फिर ईवीएम का बटन दबेगा
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उसका बाजार। बरदहा और कठहा को जोड़ने वाली कूड़ा नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने नदी में उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘पुल नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से पुल निर्माण का आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अब आगामी चुनाव में मतदान से पहले पुल निर्माण की दिशा में काम शुरू होते देखना चाहते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि पहले पुल की नींव डलेगी, फिर ईवीएम का बटन दबेगा।
प्रदर्शन में शामिल अनूप सिंह, सूर्यांश सिंह, प्रवेश राय, दीपक चौरसिया, अंकुर सिंह, प्रेम सिंह, अवधेश दुबे, रंजीत सिंह, राजकिशोर गुप्ता, रामबचन सिंह, अवधेश अग्रहरि, संदीप चौरसिया और राम नयन समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि पुल नहीं होने से कई गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपने कामकाज के लिए आवाजाही करने में दिक्कत होती है।
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कई गांवों के लोगों को होती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, कूड़ा नदी के दक्षिणी छोर पर बरदहा, घुमैठा, चित्तापुर, महदेवा, अमरपुर, मैनखाही और भवनियानगर समेत कई गांव बसे हैं। वहीं, नदी के उत्तरी छोर पर कठहा, इमिलिहा, गोपियापुर, मुड़ीला और परसपुर स्थित हैं। नदी पर पुल नहीं होने से दोनों छोर के गांवों के बीच आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और अन्य लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही दोनों ओर बसे गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है।
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चुनावी आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहते हैं ग्रामीण
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव के समय पुल निर्माण को लेकर आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। अब ग्रामीण केवल वादों पर भरोसा करने के बजाय निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार करेंगे। उन्होंने पुल निर्माण की मांग को जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि पुल का निर्माण किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। जब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनकी मांग जारी रहेगी।
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