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Siddharthnagar News: महंगी हुई राखी की थाली की मिठास, सोनपापड़ी तक चढ़ा महंगाई का रंग

Sun, 23 Aug 2026 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 23 Aug 2026 12:26 AM IST
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Siddharthnagar News: The sweetness of the Rakhi platter has become costlier; even Sonpapdi has felt the impact of inflation
शहर के दुकान पर सजी हुई मिठाई। संवाद
- रक्षाबंधन से पहले मिठाइयों के भाव में उछाल, सोनपापड़ी 120, बर्फी 100 और छेना-लालमोहन 60 रुपये प्रति किलो तक हुए महंगे
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- राखी पर मिठाई का डिब्बा खरीदने में बढ़ा त्योहार का बजट
सिद्धार्थनगर। राखी बांधने के बाद भाई के मुंह में मिठाई का टुकड़ा डालने की परंपरा इस बार पहले से कुछ महंगी पड़ने वाली है। चीनी की महंगाई के बाद रक्षाबंधन से पहले मिठाई बाजार में महंगाई की परत साफ दिखने लगी है। सोनपापड़ी का भाव पिछले साल के 500 रुपये से बढ़कर 620 रुपये किलो हो गया है। बर्फी 400 से 500 और छेना-लालमोहन 400 से 460 रुपये किलो पहुंच गए हैं। यानी राखी की थाली में मिठास वही रहेगी लेकिन उसे खरीदने के लिए जेब ज्यादा खोलनी पड़ेगी।
स्थानीय बाजार में मिठाइयों के भाव में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब चीनी के दाम भी तेजी से ऊपर गए हैं। रक्षाबंधन से पहले चीनी की कीमतों में उछाल और त्योहारी मांग बढ़ने से मिठाई कारोबारियों की लागत पर दबाव बढ़ने की रिपोर्टें भी सामने आ रही हैं। शनिवार को नौगढ़, तेतरी बाजार, बांसी, डुमरियागंज आदि बाजारों की पड़ताल की गई तो मिठाइयों में सबसे बड़ा उछाल सोनपापड़ी के भाव में है। दुकानदार राज गुप्ता, संदीप गुप्ता आदि ने बताया कि काजू बर्फी भी 1200 से 1260 रुपये किलो पहुंच गई है। छेना और लालमोहन के दाम 400 से बढ़कर 460 रुपये किलो हैं। राम कटोरी 300 से 340, पेड़ा 460 से 500 और मोतीचूर लड्डू 200 से 240 रुपये किलो हो गया है। पीस वाली मिठाइयों में भी बढ़ोतरी है। रसगुल्ला 25 से 30 और रसमलाई 40 से 45 रुपये प्रति पीस हो गई है।
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दो किलो मिठाई में सीधे 240 रुपये ज्यादा
- महंगाई का असर समझने के लिए सोनपापड़ी का गणित ही काफी है। दुकानदार सुरेंद्र बताते हैं कि पिछले साल दो किलो सोनपापड़ी के लिए एक हजार रुपये देने पड़ते थे। इस बार यही मात्रा 1240 रुपये की पड़ेगी। यानी सिर्फ एक मिठाई पर 240 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। बर्फी के दो किलो पर 200 रुपये और छेना-लालमोहन पर 120 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अगर परिवार राखी पर दो-तीन तरह की मिठाई खरीदता है तो बढ़ा हुआ खर्च और स्पष्ट दिखाई देता है।
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ग्राहक के सामने तीन विकल्प
- ग्राहक अंबरीश यादव कहते हैं कि मिठाई की दुकान पर पहुंचने वाले ग्राहक के सामने अब तीन रास्ते हैं। मात्रा घटाएं, वैरायटी बदलें या बजट बढ़ाएं। पिछले साल दो किलो मिठाई लेने वाला परिवार इस बार एक किलो में दो वैरायटी लेने पर विचार कर सकता है। कोई काजू बर्फी की जगह सामान्य बर्फी या पेड़ा चुन सकता है। वहीं कुछ परिवार त्योहार की परंपरा में कटौती न करके बढ़ा हुआ बजट स्वीकार करेंगे।

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राखी की थाली का नया गणित

मिठाई
पहले
अब
अंतर
- सोनपापड़ी 500 620 120
- बर्फी 400 500 100
- छेना 400 460 60
- लालमोहन 400 460 60
- काजू बर्फी 1200 1260 60
- राम कटोरी 300 340 40
- पेड़ा 460 500 40
- मोतीचूर लड्डू 200 240 40
- रसगुल्ला 25/पीस 30/पीस 5
- रसमलाई 40/पीस 45/पीस 5
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बनी रहेगी चीनी की मांग- व्यापारी कहते हैं कि रक्षाबंधन के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। आने वाले दिनों में जन्माष्टमी और फिर दूसरे त्योहारों के कारण मिठाई और चीनी की मांग बनी रहने वाली है। बाजार रिपोर्टों में भी सीमित आपूर्ति और बढ़ती त्योहारी मांग को चीनी की मौजूदा तेजी के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है। ऐसे में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिठाई के बढ़े भाव यहीं रुकते हैं या त्योहारों की लगातार मांग इन्हें और ऊपर ले जाती है।
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