{"_id":"6980ddf375bb0122160dd19b","slug":"siddharthnagar-news-savarna-army-organization-protests-against-ugc-act-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-152759-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सवर्ण आर्मी संगठन ने यूजीसी एक्ट का जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सवर्ण आर्मी संगठन ने यूजीसी एक्ट का जताया विरोध
Mon, 02 Feb 2026 10:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांसी। सवर्ण आर्मी संगठन ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी की ओर जारी नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन एसडीएम निखिल चक्रवर्ती को सौंपा है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार दुबे ने कहा कि संगठन ने जनवरी में जारी उच्च शिक्षा से संबंधित नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि 15 जनवरी को जारी किए गए यह नियम भले ही उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता स्थापित करने के उद्देश्य से लाए गए हों, लेकिन यह भारत के संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकार की भावना के अनुरूप नहीं हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया है जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई है। ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
इस दौरान विनोद कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, शैलेंद्र कुमार पांडेय, विजय मिश्र आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार दुबे ने कहा कि संगठन ने जनवरी में जारी उच्च शिक्षा से संबंधित नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि 15 जनवरी को जारी किए गए यह नियम भले ही उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता स्थापित करने के उद्देश्य से लाए गए हों, लेकिन यह भारत के संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकार की भावना के अनुरूप नहीं हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया है जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई है। ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
विज्ञापन
इस दौरान विनोद कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, शैलेंद्र कुमार पांडेय, विजय मिश्र आदि शामिल रहे।