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Siddharthnagar News: रिश्तों में दरार, सनक और अविश्वास ने छीन लीं कई जिंदगियां
Sun, 28 Dec 2025 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:08 PM IST
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सिद्धार्थनगर। साल 2025 जनपद के लिए अपराध के लिहाज से ऐसा काला अध्याय बनकर उभरा, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता, रिश्तों की पवित्रता और इंसानियत पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए।
कहीं प्यार की चाहत में पति की हत्या कर दी गई, तो कहीं मामूली विवाद ने जिंदा इंसान को आग के हवाले कर दिया। तीन साल की मासूम तक नफरत और घरेलू कलह का शिकार बन गई। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि अपराध अब सिर्फ कानून की समस्या नहीं, बल्कि टूटते सामाजिक ताने-बाने की खतरनाक तस्वीर बन चुका है।
प्रेमी की खातिर पति की हत्या: ढेबरुआ थाना क्षेत्र में एक महिला अपने प्रेमी के प्यार में इतनी पागल हो गई थी कि उसको अपने पति का प्यार नहीं दिखा और उसे ही रास्ते से हटा दिया। घटना जून की है। जब महिला एक युवक से प्यार करने लगी। इसके बाद महिला ने पति को बुखार के बहाने नशे की दवा दे दी और फिर बलरामपुर के राप्ती नदी के पास उसकी हत्या कर दी। शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लगा लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल ने साजिश से पर्दा उठा दिया।
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प्रेम की सनक में पिता की कर दी हत्या: मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में अगस्त में एक सनकी प्रेमी ने प्रेमिका को हासिल करने के लिए मामूली विवाद में उसके पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस दौरान पिता को बचाने आई प्रेमिका और उसकी मां पर भी ताबड़तोड़ चाकू से वार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। पुलिस कई दिनों तक इस मामले को सुलझाने में उलझी रही। कई दिनों तक कॉल ट्रेस करती रही। इसके बाद आरोपी पुलिस के साथ लगा। पुलिस ने उसे थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया।
प्रेमी को जिंदा जलाया: दो माह पहले खेसरहा थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा युवक को गांव की रहने वाली एक विवाहिता से प्यार हो गया। खुलेआम उसके यहां आना-जाना था। दो साल पहले दोनों घर से भाग गए थे। दीपावली से पहले गांव आए थे। प्रेमी अपने घर पर यह बताकर निकला था कि वह महिला के घर खाना खाने के लिए जा रहा है। प्रेमिका के घर किसी बात पर विवाद हो गया। इस पर प्रेमिका ने प्रेमी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले कर दिया। वारदात की क्रूरता ने हर किसी को सन्न कर दिया। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
सौतेली मां ने तीन साल की मासूम को उतारा मौत के घाट: नवंबर में भवानीगंज थाना क्षेत्र में एक सौतेली मां ने मामूली बात पर तीन साल के मासूम की गला घोंटकर कर हत्या कर दी। घरेलू विवाद और नफरत का शिकार तीन साल की बच्ची बन गई। पिता के घर से निकलने के बाद सौतेली मां ने तीन की साल मासूम की हत्या कर दी। यह मामला मानवता को झकझोर देने वाला रहा। पुलिस ने कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
अश्लील वीडियो बनाकर किया सामूहिक दुष्कर्म : मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक विवाहिता का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर सात से अधिक लोगों उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। जब महिला परेशान हुई तो उसने कानून का सहारा लिया। पुलिस ने मामले में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। इसमें मामले में नाबालिग भी शामिल थे। एफआईआर दर्ज करके पुलिस ने जेल भेजने की कार्रवाई की। इस मामले में भी पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर रही है।
काले अध्याय के रूप में दर्ज हुए ये घटनाएं: ये सभी घटनाएं जनपद के अपराध इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई हैं। पुलिस ने अधिकांश मामलों में सफलता तो हासिल की, लेकिन ये केस समाज के भीतर बढ़ती हिंसा, लालच और रिश्तों के टूटते भरोसे पर गंभीर सवाल छोड़ गए हैं। ऐसे सवाल, जो लंबे समय तक लोगों को कुरेदते रहेंगे।
खुलासे में क्यों उलझती रही पुलिस: कई मामलों में शुरुआत में हत्या को हादसा या बीमारी बताने की कोशिश की गई। मोहाना और देवरिया मामले में परिजनों के बयान, घटनास्थल की हालत और मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास ने पुलिस को कई दिन तक भ्रम में रखा। गलत दिशा में गई जांच के कारण टीम को दोबारा जीरो से पड़ताल करनी पड़ी।
पत्नी, प्रेमिका और परिवार बने चुनौती: ढेबरुआ, खेसरहा और भवानीगंज मामलों में आरोपी वही लोग थे, जिन पर शक करना सबसे कठिन था। पत्नी और प्रेमिका ने सामान्य व्यवहार दिखाकर पुलिस को गुमराह किया। कई दिन तक आरोपी ही बयान बदलते रहे, जिससे जांच टीम मानसिक दबाव में रही।
कॉल डिटेल और लोकेशन से खुला राज: जब प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले तो पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लेना पड़ा। ढेबरुआ और मोहाना केस में यही तकनीकी सबूत गेम चेंजर साबित हुए, वरना केस ठंडे बस्ते में जाने की आशंका थी।
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कहीं प्यार की चाहत में पति की हत्या कर दी गई, तो कहीं मामूली विवाद ने जिंदा इंसान को आग के हवाले कर दिया। तीन साल की मासूम तक नफरत और घरेलू कलह का शिकार बन गई। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि अपराध अब सिर्फ कानून की समस्या नहीं, बल्कि टूटते सामाजिक ताने-बाने की खतरनाक तस्वीर बन चुका है।
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प्रेमी की खातिर पति की हत्या: ढेबरुआ थाना क्षेत्र में एक महिला अपने प्रेमी के प्यार में इतनी पागल हो गई थी कि उसको अपने पति का प्यार नहीं दिखा और उसे ही रास्ते से हटा दिया। घटना जून की है। जब महिला एक युवक से प्यार करने लगी। इसके बाद महिला ने पति को बुखार के बहाने नशे की दवा दे दी और फिर बलरामपुर के राप्ती नदी के पास उसकी हत्या कर दी। शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लगा लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल ने साजिश से पर्दा उठा दिया।
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प्रेम की सनक में पिता की कर दी हत्या: मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में अगस्त में एक सनकी प्रेमी ने प्रेमिका को हासिल करने के लिए मामूली विवाद में उसके पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस दौरान पिता को बचाने आई प्रेमिका और उसकी मां पर भी ताबड़तोड़ चाकू से वार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। पुलिस कई दिनों तक इस मामले को सुलझाने में उलझी रही। कई दिनों तक कॉल ट्रेस करती रही। इसके बाद आरोपी पुलिस के साथ लगा। पुलिस ने उसे थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया।
प्रेमी को जिंदा जलाया: दो माह पहले खेसरहा थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा युवक को गांव की रहने वाली एक विवाहिता से प्यार हो गया। खुलेआम उसके यहां आना-जाना था। दो साल पहले दोनों घर से भाग गए थे। दीपावली से पहले गांव आए थे। प्रेमी अपने घर पर यह बताकर निकला था कि वह महिला के घर खाना खाने के लिए जा रहा है। प्रेमिका के घर किसी बात पर विवाद हो गया। इस पर प्रेमिका ने प्रेमी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले कर दिया। वारदात की क्रूरता ने हर किसी को सन्न कर दिया। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
सौतेली मां ने तीन साल की मासूम को उतारा मौत के घाट: नवंबर में भवानीगंज थाना क्षेत्र में एक सौतेली मां ने मामूली बात पर तीन साल के मासूम की गला घोंटकर कर हत्या कर दी। घरेलू विवाद और नफरत का शिकार तीन साल की बच्ची बन गई। पिता के घर से निकलने के बाद सौतेली मां ने तीन की साल मासूम की हत्या कर दी। यह मामला मानवता को झकझोर देने वाला रहा। पुलिस ने कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
अश्लील वीडियो बनाकर किया सामूहिक दुष्कर्म : मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक विवाहिता का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर सात से अधिक लोगों उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। जब महिला परेशान हुई तो उसने कानून का सहारा लिया। पुलिस ने मामले में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। इसमें मामले में नाबालिग भी शामिल थे। एफआईआर दर्ज करके पुलिस ने जेल भेजने की कार्रवाई की। इस मामले में भी पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर रही है।
काले अध्याय के रूप में दर्ज हुए ये घटनाएं: ये सभी घटनाएं जनपद के अपराध इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई हैं। पुलिस ने अधिकांश मामलों में सफलता तो हासिल की, लेकिन ये केस समाज के भीतर बढ़ती हिंसा, लालच और रिश्तों के टूटते भरोसे पर गंभीर सवाल छोड़ गए हैं। ऐसे सवाल, जो लंबे समय तक लोगों को कुरेदते रहेंगे।
खुलासे में क्यों उलझती रही पुलिस: कई मामलों में शुरुआत में हत्या को हादसा या बीमारी बताने की कोशिश की गई। मोहाना और देवरिया मामले में परिजनों के बयान, घटनास्थल की हालत और मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास ने पुलिस को कई दिन तक भ्रम में रखा। गलत दिशा में गई जांच के कारण टीम को दोबारा जीरो से पड़ताल करनी पड़ी।
पत्नी, प्रेमिका और परिवार बने चुनौती: ढेबरुआ, खेसरहा और भवानीगंज मामलों में आरोपी वही लोग थे, जिन पर शक करना सबसे कठिन था। पत्नी और प्रेमिका ने सामान्य व्यवहार दिखाकर पुलिस को गुमराह किया। कई दिन तक आरोपी ही बयान बदलते रहे, जिससे जांच टीम मानसिक दबाव में रही।
कॉल डिटेल और लोकेशन से खुला राज: जब प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले तो पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लेना पड़ा। ढेबरुआ और मोहाना केस में यही तकनीकी सबूत गेम चेंजर साबित हुए, वरना केस ठंडे बस्ते में जाने की आशंका थी।