फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News : Poor avoid legal battles...see beatings

Siddharthnagar News: कानूनी लड़ाई से बचते हैं गरीब...झेलते हैं प्रताड़ना

Sat, 02 Aug 2025 11:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News : Poor avoid legal battles...see beatings
सिद्धार्थनगर/ भनवापुर। फाइनेंस कंपनी के मकड़जाल में फंसे संतकबीनगर जनपद के एक युवक ने उत्पीड़न से तंग आकर जान दे दी। इसी प्रकार की घटनाएं जिले भी होते-होते बच गई है। परेशान होकर किसी ने जहर खा लिया तो किसी ने फंदे से लटक कर जान देने की कोशिश की।
विज्ञापन

गनीमत रही कि समय पर जानकारी होने से लोगों ने उन्हें बचा लिया गया। पर जिस हिसाब से जिले में फाइनेंस कंपनियों को सिंडिकेट काम कर रहा है। अगर कोई पीड़ित आवाज भी उठाता है तो कानूनी लड़ाई की कहानी सुनने के बाद वह पिछड़ जा रहा है। ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

कुछ ऐसा ही हुआ त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोकम अमया निवासी दुर्गावती के साथ। एजेंट ने घर पर चढ़कर मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी। महिला ने कार्रवाई के लिए आगे आकर तहरीर दी। लेकिन, अब वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती है। ऐसा उसने पुलिस को लिखकर दे दिया है। इस प्रकार से पहले भी हो चुका है। लेकिन, इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, विधि विशेषज्ञ का कहना है कि जहां लोगों का शोषण हो रहा है, उस मामले में पुलिस स्वत: संज्ञान में लेकर जांच और कार्रवाई कर सकती है।
आगे बढ़ी, फिर हट गई पीछे: भनवापुर। त्रिलोकपुर व इटवा थाना क्षेत्र में इन दिनों प्राइवेट माइक्रो फाइनेंस कंपनी पूरी तरह से सक्रिय हैं। हाल ही में फाइनेंस कंपनी मिडलैंड की ठगी का शिकार हुई त्रिलोकपुर क्षेत्र के डोकम अमया गांव की महिला दुर्गावती ने पहले त्रिलोकपुर पुलिस को शिकायती पत्र देकर वसूली करने वाले एजेंट पर किश्त वसूली के नाम पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने शिकायती पत्र के बाद जांच में पहुंची तो पीड़ित महिला ने कोई कार्रवाई नहीं करने की बात लिखकर पुलिस को दे दिया। इसी तरह इटवा थाना क्षेत्र के चौखड़ा गांव निवासी सुरेंद्र पांडेय ने भी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के शिकार होने के बाद पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। मगर पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के ही फाइनेंस कंपनी के एजेंट व पीड़ित को बुलाकर समझौता करा दिया।

यह तो बानगी मात्र है इसी तरह से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक लोग विशेषकर गरीब तपके की महिलाएं शिकार हो चुकी है, मगर सामाजिक लोक लज्जा के कारण सामने नहीं आ रही हैं। ऐसे में पुलिस भी पीछे हट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed