{"_id":"69726d16093e0af8740dc6a4","slug":"siddharthnagar-news-measles-measles-immunization-to-last-for-45-days-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-152174-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: 45 दिनों तक चलेगा खुरपका-मुंहपका रोग का टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: 45 दिनों तक चलेगा खुरपका-मुंहपका रोग का टीकाकरण
Fri, 23 Jan 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण योजना तहत सातवां चरण खुरपका-मुंहपका रोग का टीकाकरण अभियान बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। 45 दिन तक संचालित होने वाले इस अभियान के तहत जिले के 2,13,016 गोवंशीय पशुओं को टीका लगाया जाएगा। इसके लिए 2,11,846 डोज जिले को आवंटित की गई है।
पशुओं को टीका लगाने के लिए ब्लॉकों को लक्ष्य के अनुसार वितरण किया गया है। ब्लॉक के उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर टीम का गठन भी कर दिया गया है। एक टीम में चार सदस्यों को रखा गया है। यह टीम सर्वप्रथम सभी कान्हा गोशाला, स्थायी व अस्थाई गोशाला में टीकाकरण कार्य करेगी। उसके बाद गांव में टीकाकरण कार्य रोस्टर के अनुसार किया जाएगा।
विधायक श्यामधनी राही ने हरी झंडी दिखाकर वाहन सहित टीम को रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने की। डॉ. ऋषिकेश दर्शन ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर जैसे पालतू पशुओं को प्रभावित करता है। यह रोग पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता पर गहरा प्रभाव डालता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. राजबहादुर यादव, डॉ. ऋषिकेश दर्शन, डॉ. देवेंद्र गौतम, डॉ. राजकमल यादव, डॉ. प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
-- -- -
इस तरह के होते हैं लक्षण
खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षण प्रारंभिक चरण में पशुओं को बुखार आता है। बाद में उनके मुंह, जीभ, मसूड़े, थन व खुरों पर छाले व फफोले बन जाते हैं। मुंह में छाले पड़ने से पशुओं को लार अधिक टपकने लगती है, पशु लंगड़ाने भी लगता है और खाना-पीना छोड़ देते हैं।
विज्ञापन
पशुओं को टीका लगाने के लिए ब्लॉकों को लक्ष्य के अनुसार वितरण किया गया है। ब्लॉक के उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर टीम का गठन भी कर दिया गया है। एक टीम में चार सदस्यों को रखा गया है। यह टीम सर्वप्रथम सभी कान्हा गोशाला, स्थायी व अस्थाई गोशाला में टीकाकरण कार्य करेगी। उसके बाद गांव में टीकाकरण कार्य रोस्टर के अनुसार किया जाएगा।
विज्ञापन
विधायक श्यामधनी राही ने हरी झंडी दिखाकर वाहन सहित टीम को रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने की। डॉ. ऋषिकेश दर्शन ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर जैसे पालतू पशुओं को प्रभावित करता है। यह रोग पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादकता पर गहरा प्रभाव डालता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. राजबहादुर यादव, डॉ. ऋषिकेश दर्शन, डॉ. देवेंद्र गौतम, डॉ. राजकमल यादव, डॉ. प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
इस तरह के होते हैं लक्षण
खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षण प्रारंभिक चरण में पशुओं को बुखार आता है। बाद में उनके मुंह, जीभ, मसूड़े, थन व खुरों पर छाले व फफोले बन जाते हैं। मुंह में छाले पड़ने से पशुओं को लार अधिक टपकने लगती है, पशु लंगड़ाने भी लगता है और खाना-पीना छोड़ देते हैं।