फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News : Increasing lower back pain from continuous work and chronic patients

Siddharthnagar News: लगातार काम और पुरानी बीमारियों से बढ़ रहा लोअर बैक पेन

Fri, 23 Jan 2026 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 23 Jan 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News : Increasing lower back pain from continuous work and chronic patients
न्यूरो विभाग के ओपीडी में मरीज का इलाज करते विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष शुक्ला। संवाद - फोटो : 1
- कमर दर्द बन रहा गंभीर समस्या, न्यूरो विभाग में बढ़ रहे मरीज
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। वर्तमान में तेज रफ्तार जीवनशैली में लगातार बैठकर या झुककर काम करना, भारी शारीरिक श्रम और व्यायाम की कमी लोअर बैक पेन (कमर दर्द) को बढ़ा रही है। चिकित्सकों के अनुसार मधुमेह, गठिया, मोटापा और हड्डियों की कमजोरी जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में इस तरह के प्रतिदिन 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष शुक्ल ने बताया कि लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करना, गलत पोश्चर, मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग कमर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ाता है। समय पर जांच और उपचार न मिलने पर दर्द पुराना रूप ले सकता है, जिससे दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन-शैली में कमर दर्द (लोअर बैक पेन) तेजी से एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार एक वर्ष में 38 प्रतिशत लोगों को इसका अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से सबसे अधिक पीड़ित महिलाएं है। महिलाओं में कमर दर्द की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक मिल रही है। उन्होंने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ यह और भी समस्या बढ़ाता है।
विज्ञापन

--------
जोखिम कारक
- मानसिक तनाव व अवसाद
- नौकरी से असंतोष
- अन्य पुराने दर्द
- बीमा या मुआवजा संबंधी विवाद
-----
इस तरह बढ़ता है परेशानी
डॉ. आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कमर दर्द को नॉन-स्पेसिफिक लोअर बैक पेन कहा जाता है, जो मांसपेशियों, लिगामेंट्स और बायोमैकेनिकल असंतुलन के कारण होता है। उन्होंने बताया कि कमर दर्द में उचित दवाइयां, नियमित व्यायाम, कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (मानसिक सहयोग) से इसे सही किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
कमर दर्द के कारण
- गलत पोश्चर और लंबे समय तक बैठना
- मांसपेशियों की कमजोरी
-अधिक वजन-मोटापा
- गतिहीन जीवनशैली
- उम्र बढ़ना
- पुरानी बीमारियां
-----
बचाव के उपाय
- व्यायाम : चलना, साइकिल चलाना, तैरना जैसे हल्के एरोबिक व्यायाम कोर मसल्स को मजबूत करते हैं
- पोश्चर सुधारें : बैठते और खड़े होते समय रीढ़ सीधी रखें, एर्गोनॉमिक कुर्सी का प्रयोग करें
- वजन नियंत्रण : स्वस्थ वजन बनाए रखने से रीढ़ पर दबाव कम होता है
- धूम्रपान छोड़ें : धूम्रपान से रीढ़ की डिस्क को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होती है
- तनाव कम करें : ध्यान और गहरी सांस लेने के व्यायाम से मदद मिल सकती है
- गहरी सांस लें : पेट से सांस लेने से कोर मसल्स को भी व्यायाम मिलता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed