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दावा : मानक पूरे फिर भी नहीं बनाया परीक्षा केंद्र, पोर्टल पर 86 आपत्तियां
Sun, 07 Dec 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण को लेकर शिकायत बढ़ गई है। बोर्ड की ओर से जारी 94 केंद्रों की प्रारंभिक सूची के खिलाफ बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई हैं।
कई विद्यालयों का कहना है कि सभी मानक पूरे होने के बावजूद उनके केंद्र काट दिए गए हैं। पोर्टल पर 86 आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच कर कमेटी रिपोर्ट बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करेगी, उसके बाद केंद्रों की लिस्ट फाइनल की जाएगी।
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि अगर परीक्षा केंद्र नहीं बढ़े तो परीक्षा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि छात्रों की संख्या 64000 है और 19 परीक्षा केंद्र कम कर दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे कई पुराने केंद्र सूची से बाहर हो गए। स्कूल प्रबंधकों ने आरोप लगाया है कि भवन संरचना, बैठने की क्षमता, सीसीटीवी व्यवस्था और बायोमिट्रिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद उनके केंद्र हटाया गया, जबकि कम क्षमता वाले कुछ संस्थानों को शामिल कर लिया गया। आपत्तियों में यह भी कहा गया है कि कई विद्यालयों का निरीक्षण किए बिना ही उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। कमेटी अब सभी आपत्तियों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को भेजेगी, जिसके बाद अंतिम सूची जारी होगी।
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केंद्रों की संख्या घटने से इस बार परीक्षार्थियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिछले वर्ष जहां 64910 परीक्षार्थियों पर 119 केंद्र बनाए गए थे, वहीं इस बार 64710 परीक्षार्थियों के लिए मात्र 94 केंद्र प्रस्तावित हैं। केंद्र कम होने से छात्रों को दूर-दराज परीक्षा देने जाना पड़ेगा, जिससे परिवहन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ेंगी। कई प्रधानाचार्यों ने कहा कि उनकी संस्था वर्षों से परीक्षा केंद्र रही है, लेकिन इस बार किसी भी अधिकारी ने स्थल निरीक्षण तक नहीं किया। आपत्तियों में यह भी लिखा गया है कि सूची तैयार करते समय दूरी, विद्यार्थी संख्या, सड़क सुविधा और निगरानी व्यवस्था जैसे बुनियादी मानकों की अनदेखी की गई।
डीआईओएस कार्यालय ने साफ किया है कि सभी आपत्तियों का परीक्षण नियमानुसार होगा और अनुचित तरीके से काटे गए केंद्रों को दोबारा बहाल भी किया जा सकता है। अब जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी में निरीक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद बोर्ड आपत्तियों का निस्तारण कर केंद्रों की अंतिम सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर व्यवस्था और परीक्षात्मक तैयारियां शुरू होंगी।
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सिद्धार्थनगर। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण को लेकर शिकायत बढ़ गई है। बोर्ड की ओर से जारी 94 केंद्रों की प्रारंभिक सूची के खिलाफ बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई हैं।
कई विद्यालयों का कहना है कि सभी मानक पूरे होने के बावजूद उनके केंद्र काट दिए गए हैं। पोर्टल पर 86 आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनकी जांच कर कमेटी रिपोर्ट बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करेगी, उसके बाद केंद्रों की लिस्ट फाइनल की जाएगी।
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विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि अगर परीक्षा केंद्र नहीं बढ़े तो परीक्षा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि छात्रों की संख्या 64000 है और 19 परीक्षा केंद्र कम कर दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे कई पुराने केंद्र सूची से बाहर हो गए। स्कूल प्रबंधकों ने आरोप लगाया है कि भवन संरचना, बैठने की क्षमता, सीसीटीवी व्यवस्था और बायोमिट्रिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद उनके केंद्र हटाया गया, जबकि कम क्षमता वाले कुछ संस्थानों को शामिल कर लिया गया। आपत्तियों में यह भी कहा गया है कि कई विद्यालयों का निरीक्षण किए बिना ही उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। कमेटी अब सभी आपत्तियों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को भेजेगी, जिसके बाद अंतिम सूची जारी होगी।
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केंद्रों की संख्या घटने से इस बार परीक्षार्थियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिछले वर्ष जहां 64910 परीक्षार्थियों पर 119 केंद्र बनाए गए थे, वहीं इस बार 64710 परीक्षार्थियों के लिए मात्र 94 केंद्र प्रस्तावित हैं। केंद्र कम होने से छात्रों को दूर-दराज परीक्षा देने जाना पड़ेगा, जिससे परिवहन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ेंगी। कई प्रधानाचार्यों ने कहा कि उनकी संस्था वर्षों से परीक्षा केंद्र रही है, लेकिन इस बार किसी भी अधिकारी ने स्थल निरीक्षण तक नहीं किया। आपत्तियों में यह भी लिखा गया है कि सूची तैयार करते समय दूरी, विद्यार्थी संख्या, सड़क सुविधा और निगरानी व्यवस्था जैसे बुनियादी मानकों की अनदेखी की गई।
डीआईओएस कार्यालय ने साफ किया है कि सभी आपत्तियों का परीक्षण नियमानुसार होगा और अनुचित तरीके से काटे गए केंद्रों को दोबारा बहाल भी किया जा सकता है। अब जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी में निरीक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद बोर्ड आपत्तियों का निस्तारण कर केंद्रों की अंतिम सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर व्यवस्था और परीक्षात्मक तैयारियां शुरू होंगी।