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Siddharthnagar News: राम कथा सुनने से ही दूर होते हैं सारे कष्ट
Wed, 07 Jan 2026 11:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:10 PM IST
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घोसियारी। घोसियारी बाजार में स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में मंगलवार को श्रीराम कथा में आचार्य धनंजय महाराज ने रामकथा के महात्म्य पर चर्चा की। कहा कि राम की महिमा अपरंपार है। प्रभु श्रीराम ने स्वयं कहा है कि राम से बड़ा राम का नाम है।
श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए उन्होंने आगे का कि राम नाम सबसे बड़ा मंत्र है। सदाशिव भोले शंकर भी श्रीराम नाम जपते रहते हैं। सूर्य, चंद्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है, वह राम नाम में समाहित है। बच्चे के जन्म में श्री राम के नाम का सोहर होता है। विवाह आदि मांगलिक कार्यों के अवसर पर श्रीराम के गीत गाए जाते हैं। यहां तक कि मनुष्य की अंतिम यात्रा में भी राम नाम का ही घोष किया जाता है। राम में शिव और शिव में राम विद्यमान हैं। ऐसे ही उनके सेवक हनुमान हैं। कलियुग में वे एक ऐसे देवता हैं जो भक्तों की तुरंत सहायता करते हैं।
उन्होंने कभी भी अपने पराक्रम का श्रेय स्वयं नहीं लिया। इसमें मेरी प्रभुता कुछ नहीं है। जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हैं।
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श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए उन्होंने आगे का कि राम नाम सबसे बड़ा मंत्र है। सदाशिव भोले शंकर भी श्रीराम नाम जपते रहते हैं। सूर्य, चंद्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है, वह राम नाम में समाहित है। बच्चे के जन्म में श्री राम के नाम का सोहर होता है। विवाह आदि मांगलिक कार्यों के अवसर पर श्रीराम के गीत गाए जाते हैं। यहां तक कि मनुष्य की अंतिम यात्रा में भी राम नाम का ही घोष किया जाता है। राम में शिव और शिव में राम विद्यमान हैं। ऐसे ही उनके सेवक हनुमान हैं। कलियुग में वे एक ऐसे देवता हैं जो भक्तों की तुरंत सहायता करते हैं।
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उन्होंने कभी भी अपने पराक्रम का श्रेय स्वयं नहीं लिया। इसमें मेरी प्रभुता कुछ नहीं है। जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हैं।
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