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सिद्धार्थनगर : अगर खुली हवा में सांस लेना है तो देना होगा टैक्स
Mon, 01 May 2023 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 01 May 2023 11:08 PM IST
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शहर के उद्यान पार्क में योग करते लोग।
सिद्धार्थनगर। अगर आप सोच रहे हैं कि पार्क में जाकर खुली हवा में सुकून की सांस लेंगे, तो इसके लिए आपको शुल्क देना होगा। उद्यान पार्क के गेट की दीवार पर वॉल पेंटिंग के जरिए लिखी गई सूचना इसकी तस्दीक कर रही है। जिले के इकलौते पार्क में शुमार उद्यान पार्क में घूमने पर शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। पार्क में जाने के लिए गेट पर ही टिकट लेना पड़ रहा है। इसके बाद ही पार्क में प्रवेश पा सकेंगे। हालांकि शुल्क लगाने के पीछे वजह क्या है, इसके बारे में व्यवस्था चलाने वाले कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
शहर में लगभग दो लाख की आबादी निवास करती है। लोगों को सुबह और शाम टहलने के लिए उद्यान पार्क के अलावा कोई और ठिकाना नहीं है। सुबह लोग या तो उद्यान पार्क में जाकर खुली सांस लें या फिर शहर से बाहर हाईवे पर। हाईवे पर जाना खतरे से खाली नहीं है। बड़े वाहनों से हाईवे पर हादसे होते हैं इसलिए जो निकल पाता है, वह सुबह में नहीं तो शाम को पार्क में जरूर पहुंचता है, जिससे वह सुकून की सांस ले सके। लेकिन अब पार्क में खुली हवा में सांस लेने पर भी सरकारी टैक्स लगा दिया गया है। दोपहर दो से सात बजे तक जब लोगों के आने का वक्त होता है, उस समय आने वालों पर शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। प्रतिदिन व्यक्ति दो से सात बजे तक 10 रुपये, जबकि मासिक भ्रमण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित हो रहा है। 10 बजे के बाद पार्क का गेट बंद हो जाता है, दो बजे खुलते ही प्रवेश टिकट काटा जा रहा है। जो लोगों को खटक रहा है।
नगर निवासी हेमंत कुमार, हिमाचल अग्रहिर, उमेश कुमार ने कहा कि काम से फुरसत के बाद शाम को टहलने के लिए निकलते हैं। कि आराम से बैठेंगे मन शांत रहेगा, खुली हवा में सुकून की सांस लेंगे, लेकिन यहां तो सफाई व्यवस्था के नाम पर टिकट लगा दिया गया है। यह नगर के साथ जिले के अन्य हिस्सों से आने वालों के साथ धोखा है। यह बंद होना चाहिए।
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दो लाख की आबादी वाले शहर में अन्य पार्क नहीं
नगर के लगभग दो लाख आबादी है। आबादी के हिसाब से मोहल्लों में पार्क होना चाहिए। जिससे बुजुर्ग और दिनभर कार्य करने वाली महिलाएं और बुजुर्ग भी खुली हवा में सांस ले सकें। इकलौता उद्यान पार्क है, जहां पर लोग समय निकालकर सुकून की सांस लेने के लिए पहुंचते थे। वहां पर भी प्रशासन की ओर से टैक्स लगा दिया गया है।
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शहर में लगभग दो लाख की आबादी निवास करती है। लोगों को सुबह और शाम टहलने के लिए उद्यान पार्क के अलावा कोई और ठिकाना नहीं है। सुबह लोग या तो उद्यान पार्क में जाकर खुली सांस लें या फिर शहर से बाहर हाईवे पर। हाईवे पर जाना खतरे से खाली नहीं है। बड़े वाहनों से हाईवे पर हादसे होते हैं इसलिए जो निकल पाता है, वह सुबह में नहीं तो शाम को पार्क में जरूर पहुंचता है, जिससे वह सुकून की सांस ले सके। लेकिन अब पार्क में खुली हवा में सांस लेने पर भी सरकारी टैक्स लगा दिया गया है। दोपहर दो से सात बजे तक जब लोगों के आने का वक्त होता है, उस समय आने वालों पर शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। प्रतिदिन व्यक्ति दो से सात बजे तक 10 रुपये, जबकि मासिक भ्रमण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित हो रहा है। 10 बजे के बाद पार्क का गेट बंद हो जाता है, दो बजे खुलते ही प्रवेश टिकट काटा जा रहा है। जो लोगों को खटक रहा है।
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नगर निवासी हेमंत कुमार, हिमाचल अग्रहिर, उमेश कुमार ने कहा कि काम से फुरसत के बाद शाम को टहलने के लिए निकलते हैं। कि आराम से बैठेंगे मन शांत रहेगा, खुली हवा में सुकून की सांस लेंगे, लेकिन यहां तो सफाई व्यवस्था के नाम पर टिकट लगा दिया गया है। यह नगर के साथ जिले के अन्य हिस्सों से आने वालों के साथ धोखा है। यह बंद होना चाहिए।
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दो लाख की आबादी वाले शहर में अन्य पार्क नहीं
नगर के लगभग दो लाख आबादी है। आबादी के हिसाब से मोहल्लों में पार्क होना चाहिए। जिससे बुजुर्ग और दिनभर कार्य करने वाली महिलाएं और बुजुर्ग भी खुली हवा में सांस ले सकें। इकलौता उद्यान पार्क है, जहां पर लोग समय निकालकर सुकून की सांस लेने के लिए पहुंचते थे। वहां पर भी प्रशासन की ओर से टैक्स लगा दिया गया है।

शहर के उद्यान पार्क में योग करते लोग।