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लोकसभा में उठाया संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन का मुद्दा

Wed, 17 Mar 2021 10:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 10:55 PM IST
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Raised the issue of amendment in Article 348
अनुच्छेद 348 में संशोधन का मुद्दा उठाया
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लोकसभा के शून्यकाल के दौरान सांसद ने रखी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोकसभा के शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन की मांग उठाई। सांसद ने सदन में कहा कि भारतीय संविधान और कानून व्यवस्था में सभी को समान रूप से न्याय मिले, इसके लिए संविधानविदों ने भारतीय संविधान को द्विभाषी बनाया था जो हिंदी और अंग्रेजी में था। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत के 43.63 प्रतिशत लोगों की मातृभाषा हिंदी है। कमिश्नर फार लिंग्विस्टिक माइनारटीज इन इंडिया की 50वीं रिपोर्ट में भी भारत के 11 राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और दिल्ली) को हिंदी भाषी लोगों की अधिकता वाला माना गया है। न्यायिक प्रक्रिया में राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल कुछ प्रदेशों के जनपद न्यायालय में होता है। कुछ राज्यों जैसे- राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार के उच्च न्यायालय में कुछ हद तक प्रयोग की जाती है, पर उच्चतम न्यायालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग का कोई प्रावधान नहीं है, जो जनपद न्यायालय से उच्चतम न्यायालय के बीच एक प्रकार का भाषाई अवरोध साबित होता है। संवाद
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