फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Police confused by the gang of criminals

Siddharthnagar News: अपराधियों की जुगलबंदी से उलझन में पुलिस

Fri, 10 Apr 2026 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 10 Apr 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
Police confused by the gang of criminals
सिद्धार्थनगर। नेपाल बाॅर्डर पर अपराध का दायरा बढ़ रहा है। अपराधी एक-दूसरे देश के अपराधियों से गठजोड़ कर वारदात को अंजाम देने में लगे हैं। हाल में शोहरतगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह में भारतीयों के साथ नेपाल के भी अपराधियों की गिरफ्तारी इसे पुख्ता कर रही है।
विज्ञापन

वहीं, दो दिन पहले नेपाल के रूपनदेही जिले ने ड्रग तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दबोचे गए अपराधियों में दो भारतीय और एक नेपाल का है। सूत्रों की मानें तो नेपाल में सुरक्षित ठिकाना पाने के लिए दोनों ही देश के अपराधी एक-दूसरे का सहारा ले रहे हैं, जिससे वारदात को अंजाम देने के बाद सीमा पार उन्हें मशक्कत न करनी पड़े।
विज्ञापन

नेपाल में छिनैती और ड्रग सहित अन्य अपराध में बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर और महराजगंज के अपराधियों के पकड़े जाने की बात सामने आ चुकी है। सीमावर्ती क्षेत्र के जुड़े सुरक्षा के जानकारों का मानना है कि यहां नया ट्रेंड अपराधियों के गठजोड़ का है। नेपाल के अपराधी भारतीयों को शरण देते हैं। वहीं, यहां के अपराधी उन्हें बुलाकर बाइक चोरी सहित अन्य प्रकार की वारदात को अंजाम दिलाते हैं और दोनों की मोटी कमाई होती है। यह गठजोड़ सुरक्षा के लिहाज सही ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नेपाल में पहुंचने के बाद उन्हें ट्रेस कर पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की टीम अपराधियों को पकड़ नहीं पाती हैं। इसके लिए ठोस कदम और बेहतर तकनीकी की जरूरत है।
इस संबंध में एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि कोई भी मामला होता है, पुलिस कार्रवाई करने के साथ ही पूछताछ में जो सामने आता है, उस पर भी जांच की जाती है। बाॅर्डर इलाके की वारदात में नेपाल के बदमाशों का नाम : जिले में आपराधिक घटनाओं के पर्दाफाश होने के मामले में एक बात सामने अकसर आती है कि यहां से वारदात को अंजाम देने के बाद वह नेपाल में चले गए थे। वहीं पर रुपये खर्च किए हैं। चोरी के माल की बिक्री वहीं करके चले आए। लेकिन, अब इस ट्रेंड में कुछ बदलाव हुआ है। हाल के कुछ माह में सामने आई वारदातों में जहां भारतीय बदमाशों की ओर से नेपाल के सीमावर्ती इलाके में घटनाओं में शामिल होने के बात सामने आई है।
वहीं, भारतीय खास करके बाॅर्डर के ढेबरुआ, शोहरतगढ़, कपिलवस्तु, मोहाना और लोटन कोतवाली क्षेत्र में हुई घटनाओं का पर्दाफाश होने के पर नेपाल के शातिर दबोचे गए। जांच में यह बात सामने आई कि यहां से इनपुट और सहारा मिला और वहां से आकर वारदात को अंजाम तक पहुंचाया। कुछ नेपाली बदमाशों ने इस बात को स्वीकार भी कर चुके हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो यह जुगलबंदी की खेल है और नया ट्रेंड है। यहां अपराध का अंजाम दें और नेपाल में चले जाएं या फिर साठगांठ के जरिये तस्करी और अन्य अपराध को अंजाम दें और नेपाल में शरण ले लें। जानकारों के मुताबिक नेपाल ट्रेंड का प्रयोग 18 से 40 वर्ष की आयु सीमा के भीतर लोग जो जरायम की दुनिया में कदम रख रहे हैं, वहीं प्रयोग कर रहे हैं।

नेपाल में छिनैती, बलरामपुर का निकाला आरोपी : बीते वर्ष नेपाल के तौलिहवा के पास एक छिनैती का मामला सामने आया है। पुलिस को जानकारी हुई तो सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए गए। इसके बाद वारदात में शामिल बाइक का नंबर ट्रेस हुआ। कुछ माह बाद दूसरे अपराध में पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि छिनैती की वारदात को उसी ने अंजाम दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed