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Siddharthnagar News: ग्रीन आर्मी की सैन्य शैली पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
Sat, 12 Sep 2026 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:45 AM IST
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कपिलवस्तु/ खुनुवां। नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के दौरान नेपाली सेना जैसी वर्दी, मिलिट्री रैंक और निशान इस्तेमाल करने को लेकर ‘ग्रीन आर्मी नेपाल’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है।
याचिका में संगठन का पंजीकरण रद्द करने के साथ ही विभिन्न सरकारी संस्थाओं की ओर से दी गई अनुमति और सहमति को भी रद्द करने की मांग की गई है।
वकील संबराज आर्यल, पूर्ण बहादुर सऊद, गोविंदराम परियार और बिष्णुवर सिंह थापा की ओर से दायर रिट में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल समेत विभिन्न सरकारी संस्थाओं को विपक्षी बनाया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि गैर सरकारी संस्था की ओर से सैन्य ढांचे, वर्दी, रैंक और निशान का इस्तेमाल संविधान और मौजूदा कानूनों के विपरीत है।
रिट के अनुसार कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय में ‘ग्रीन आर्मी नेपाल’ नाम से पंजीकृत संगठन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, युवा नेतृत्व, समाज सेवा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करना है लेकिन संगठन ने खुद को सैन्य शैली से प्रेरित युवा संगठन के तौर पर प्रस्तुत किया है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि संगठन के सदस्यों को कैडेट, ब्रिगेडियर, मार्शल और चीफ मार्शल जैसे सैन्य शैली के पदनाम दिए गए हैं। इसके अलावा ‘आर्मी’ शब्द के साथ सैन्य शैली की वर्दी, रैंक के निशान, बूट और रेडियो सेट के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है।
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याचिका में संगठन का पंजीकरण रद्द करने के साथ ही विभिन्न सरकारी संस्थाओं की ओर से दी गई अनुमति और सहमति को भी रद्द करने की मांग की गई है।
वकील संबराज आर्यल, पूर्ण बहादुर सऊद, गोविंदराम परियार और बिष्णुवर सिंह थापा की ओर से दायर रिट में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल समेत विभिन्न सरकारी संस्थाओं को विपक्षी बनाया गया है।
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याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि गैर सरकारी संस्था की ओर से सैन्य ढांचे, वर्दी, रैंक और निशान का इस्तेमाल संविधान और मौजूदा कानूनों के विपरीत है।
रिट के अनुसार कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय में ‘ग्रीन आर्मी नेपाल’ नाम से पंजीकृत संगठन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, युवा नेतृत्व, समाज सेवा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करना है लेकिन संगठन ने खुद को सैन्य शैली से प्रेरित युवा संगठन के तौर पर प्रस्तुत किया है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि संगठन के सदस्यों को कैडेट, ब्रिगेडियर, मार्शल और चीफ मार्शल जैसे सैन्य शैली के पदनाम दिए गए हैं। इसके अलावा ‘आर्मी’ शब्द के साथ सैन्य शैली की वर्दी, रैंक के निशान, बूट और रेडियो सेट के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है।