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पुलिस भर्ती : पेपर लीक मामले में बड़े नेटवर्क तक पहुंचे पुलिस के हाथ
Fri, 01 Mar 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Mar 2024 12:24 AM IST
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सिद्धार्थनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में जल्द ही बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच में लगी पुलिस की स्पेशल यूनिट के हाथ कई अहम सुराग और नंबर लगे हैं। जिसके जरिए वह कड़ी से कड़ी को जोड़ रही है। इसी की नतीजा रहा कि लीक मामले से जुड़े पांच आरोपियों को दबोच पाई है। पुलिस अब इस नतीजे पर पहुंचने वाली है कि पेपर कहां से और कैसे लीक हुआ और किसने लीक किया। सूत्रों की माने तो इसमें सफेदपोश के संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। हालांकि खुलासा होने तक यह पुख्ता नहीं किया जा सकता है। टीम बिहार और बिहार बाॅर्डर से लगे यूपी के कुछ जनपदों में दौड़भाग कर रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा 17 और 18 फरवरी को हुई थी। इसमें 10 साल्वर, अभ्यर्थी और सहयोगी पकड़े गए थे। केस दर्ज करके साॅल्वरों के नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस ने जांच शुरू किया। इसी बीच पेपर लीक होने की बात सामने आई और रद्द कर दिया गया। जांच में जुटी को पकड़े गए साॅल्वर के जरिए कुछ सुराग मिले थे। जिसके आधार पर जांच कर रही थी। इसी बीच पुलिस को चौंकाने वाले सच का पता चला। जांच में सामने आया कि यह गिरोह केवल साॅल्वर भेजकर परीक्षा के नाम पर रुपये नहीं लेता है। बल्कि यह लोग पेपर भी लीक करते हैं।
जांच में संजय गौड़ निवासी देवरिया जब हाथ लगा तो पता चला कि वह पेपर लीक मामले में लखनऊ एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका था और जेल जा चुका था। इसके बाद यह पुख्ता हो गया कि यह बड़ा नेटवर्क है। संजय से पूछताछ में पेपर लीक करने की बात को बल मिला। नतीजा हाई सर्विलांस काम किया और दो दिन में पांच आरोपी पकड़ लिए गए। लेकिन इस पर यहीं विराम लगने वाला नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं। इसमें स्पेशल टीम के हाथ कई अहम सुराग और नंबर लगे हैं। जिसे वह खंगाल रही है। जल्द ही टीम नतीजे पर पहुंच जाएगी और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जो शायद सोचा भी नहीं गया होगा।
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बिहार और सीमावर्ती जिलों में पुलिस का डेरा
पेपर लीक गिरोह के जड़ तक जाने के लिए पुलिस टीम बिहार के कुछ जनपदों के अलावा बिहार बाॅर्डर से लगे यूपी के कुछ जनपदों में डेरा डाले हुई है। लगातार भागदौड़ जारी है। नेटवर्क से नटवर्क तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा ले रही है। हाई सर्विलांस के जरिए पुलिस कड़ी से कड़ी को जोड़कर संलिप्त लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है। जल्द ही खुलासा होने की उम्मीद है।
सफेदपोश के शामिल होने के मिले हैं संकेत
सूत्रों की माने तो जांच में जुटी पुलिस टीम के हाथ कई अहम जानकारी लगी है। पेपर लीक मामले में कुछ सफेदपोश के भी संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। जिनका गिरोह से जुड़े लोगों पर आशीर्वाद था। अगर सफेदपोश के शामिल होने की बात में सच्चाई है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की छवि को धूमिल करने की कोई बड़ी साजिश है। फिलहाल यह पुख्ता नहीं है, पुलिस के खुलासे के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लीक मामले में पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। कुछ लोगों के और शामिल होने की बात सामने आई है। जल्द ही इसमें शामिल लोग पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा 17 और 18 फरवरी को हुई थी। इसमें 10 साल्वर, अभ्यर्थी और सहयोगी पकड़े गए थे। केस दर्ज करके साॅल्वरों के नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस ने जांच शुरू किया। इसी बीच पेपर लीक होने की बात सामने आई और रद्द कर दिया गया। जांच में जुटी को पकड़े गए साॅल्वर के जरिए कुछ सुराग मिले थे। जिसके आधार पर जांच कर रही थी। इसी बीच पुलिस को चौंकाने वाले सच का पता चला। जांच में सामने आया कि यह गिरोह केवल साॅल्वर भेजकर परीक्षा के नाम पर रुपये नहीं लेता है। बल्कि यह लोग पेपर भी लीक करते हैं।
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जांच में संजय गौड़ निवासी देवरिया जब हाथ लगा तो पता चला कि वह पेपर लीक मामले में लखनऊ एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका था और जेल जा चुका था। इसके बाद यह पुख्ता हो गया कि यह बड़ा नेटवर्क है। संजय से पूछताछ में पेपर लीक करने की बात को बल मिला। नतीजा हाई सर्विलांस काम किया और दो दिन में पांच आरोपी पकड़ लिए गए। लेकिन इस पर यहीं विराम लगने वाला नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं। इसमें स्पेशल टीम के हाथ कई अहम सुराग और नंबर लगे हैं। जिसे वह खंगाल रही है। जल्द ही टीम नतीजे पर पहुंच जाएगी और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जो शायद सोचा भी नहीं गया होगा।
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बिहार और सीमावर्ती जिलों में पुलिस का डेरा
पेपर लीक गिरोह के जड़ तक जाने के लिए पुलिस टीम बिहार के कुछ जनपदों के अलावा बिहार बाॅर्डर से लगे यूपी के कुछ जनपदों में डेरा डाले हुई है। लगातार भागदौड़ जारी है। नेटवर्क से नटवर्क तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा ले रही है। हाई सर्विलांस के जरिए पुलिस कड़ी से कड़ी को जोड़कर संलिप्त लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है। जल्द ही खुलासा होने की उम्मीद है।
सफेदपोश के शामिल होने के मिले हैं संकेत
सूत्रों की माने तो जांच में जुटी पुलिस टीम के हाथ कई अहम जानकारी लगी है। पेपर लीक मामले में कुछ सफेदपोश के भी संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। जिनका गिरोह से जुड़े लोगों पर आशीर्वाद था। अगर सफेदपोश के शामिल होने की बात में सच्चाई है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की छवि को धूमिल करने की कोई बड़ी साजिश है। फिलहाल यह पुख्ता नहीं है, पुलिस के खुलासे के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा लीक मामले में पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। कुछ लोगों के और शामिल होने की बात सामने आई है। जल्द ही इसमें शामिल लोग पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक