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Siddharthnagar News: दावेदारों को दिखा रहे अधूरे विकास की तस्वीर
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भारतभारी में बनी पानी की टंकी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दावेदारों को दिखा रहे अधूरे विकास की तस्वीर
: नगर निकायों चुनाव में जनसंपर्क कर रहे दावेदारों को मिल रही नसीहत
: नवसृजित पांच नगर निकायों में विकास कार्य ठप होने से नाराज हैं मतदाता
सिद्धार्थनगर। नवसृजित पांच नगर पंचायतों में पहली बार हो रहे चुनाव में जनसंपर्क कर रहे दावेदारों को लोग अधूरे विकास कार्यों की तस्वीर दिखा रहे है। कुछ ऐसा ही हाल शहर एवं शोहरतगढ़ में सीमा विस्तार परिसीमन में शामिल हुए क्षेत्र का भी है। इन स्थानों पर पिछले दो वर्ष से सड़क, नाली समेत सभी तरह के विकास कार्य ठप हैं। ऐसे में दावेदारों के सामने मतदाताओं को समझाकर अपने पक्ष में सहेजने की चुनौती नजर आ रही है।
नवसृजित पांच नगर पंचायतों और नगर पालिका सिद्धार्थनगर एवं नगर पंचायत शोहरतगढ़ में सीमा विस्तार में शामिल हुए क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं हो सके थे। इन क्षेत्रों के शहरी होने पर लोगों में विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन नगर निकायों में विकास कार्य नहीं हो सकें। जिससे यहां के लोग चुनाव में दावेदारों को अधूरे विकास की तस्वीर दिखाते हुए उनका पक्ष जानना चाहते हैं। यहां तक कि मतदाता दावेदारों से विकास का पक्का वादा चाहते हैं, तभी उनके पक्ष में मतदान करने का आश्वासन दे रहे हैं। कुछ जगहों पर दावेदारों को अनपेक्षित स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा है। कपिलवस्तु (बर्डपुर) में लोगों से जनसंपर्क कर रहे सत्ताधारी भाजपा से अध्यक्ष पद के एक दावेदार को लोगों ने बदहाल सड़क और ध्वस्त नाली दिखाते हुए उनसे समस्या समाधान की अपेक्षा जताई। बर्डपुर निवासी अशफाक का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायत होने के कारण इस प्राचीन कस्बा का विकास नहीं हो पाया, लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद विकास की उम्मीद जगी थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी। इसी तरह नगर पंचायत इटवा में सत्तापक्ष और विपक्ष के दावेदारों को जनता के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के सुन्नी मस्जिद गली के कच्चे रास्ते पर फैले गंदे पानी के समाधान के सवाल से दावेदारों का सामना हो रहा है।
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भारतभारी को बेहतर सड़क की है उम्मीद
भारतभारी। तीन वर्ष पूर्व सृजित हुए नगर पंचायत भारतभारी के लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो सकी। कस्बे के राकेश चौधरी, राम चरित्र मौर्या और जीत कुमार का कहना है कि पहले से ही खराब सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से उम्मीद जगी थी कि आवागमन सुविधा बेहतर होगी, लेकिन स्थिति और भी बदतर हो गई। तीन वर्ष से एक भी नई सड़क नहीं बनने और मरम्मत नहीं होने से पुरानी सड़क भी चलने योग्य नहीं रह गई है। भरत नगर निवासी फैजान अहमद का कहना है कि चुनाव में दावेदारों को कस्बे में सड़क की समस्या से निजात के सवाल का सामना तो करना ही पड़ेगा।
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शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहा बिस्कोहर
बिस्कोहर। नवसृजित नगर पंचायत बिस्कोहर के परशुराम नगर में वर्ष 2020 में पानी की टंकी का निर्माण किया गया, लेकिन जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसकी वजह से नगरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यहां के अमित कमलापुरी, रामदास भोजवाल कहते हैं कि पानी की टंकी बनने के साथ लोगों के घर तक पाइप भी बिछा दी गई है, लेकिन फिर भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। कस्बे के संतोष कुमार, कौशल और नसीबुल्लाह खान का कहना है कि पिछले कई वर्ष से शुद्ध पेयजल के अभाव में अशुद्ध पानी पी रहे कस्बे के लोग दावेदारों से सवाल तो करेंगे ही और दावेदारों को इस समस्या से समयबद्ध निजात दिलाने का जवाब देना ही पड़ेगा।
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: नगर निकायों चुनाव में जनसंपर्क कर रहे दावेदारों को मिल रही नसीहत
: नवसृजित पांच नगर निकायों में विकास कार्य ठप होने से नाराज हैं मतदाता
सिद्धार्थनगर। नवसृजित पांच नगर पंचायतों में पहली बार हो रहे चुनाव में जनसंपर्क कर रहे दावेदारों को लोग अधूरे विकास कार्यों की तस्वीर दिखा रहे है। कुछ ऐसा ही हाल शहर एवं शोहरतगढ़ में सीमा विस्तार परिसीमन में शामिल हुए क्षेत्र का भी है। इन स्थानों पर पिछले दो वर्ष से सड़क, नाली समेत सभी तरह के विकास कार्य ठप हैं। ऐसे में दावेदारों के सामने मतदाताओं को समझाकर अपने पक्ष में सहेजने की चुनौती नजर आ रही है।
नवसृजित पांच नगर पंचायतों और नगर पालिका सिद्धार्थनगर एवं नगर पंचायत शोहरतगढ़ में सीमा विस्तार में शामिल हुए क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं हो सके थे। इन क्षेत्रों के शहरी होने पर लोगों में विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन नगर निकायों में विकास कार्य नहीं हो सकें। जिससे यहां के लोग चुनाव में दावेदारों को अधूरे विकास की तस्वीर दिखाते हुए उनका पक्ष जानना चाहते हैं। यहां तक कि मतदाता दावेदारों से विकास का पक्का वादा चाहते हैं, तभी उनके पक्ष में मतदान करने का आश्वासन दे रहे हैं। कुछ जगहों पर दावेदारों को अनपेक्षित स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा है। कपिलवस्तु (बर्डपुर) में लोगों से जनसंपर्क कर रहे सत्ताधारी भाजपा से अध्यक्ष पद के एक दावेदार को लोगों ने बदहाल सड़क और ध्वस्त नाली दिखाते हुए उनसे समस्या समाधान की अपेक्षा जताई। बर्डपुर निवासी अशफाक का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायत होने के कारण इस प्राचीन कस्बा का विकास नहीं हो पाया, लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद विकास की उम्मीद जगी थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी। इसी तरह नगर पंचायत इटवा में सत्तापक्ष और विपक्ष के दावेदारों को जनता के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के सुन्नी मस्जिद गली के कच्चे रास्ते पर फैले गंदे पानी के समाधान के सवाल से दावेदारों का सामना हो रहा है।
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भारतभारी को बेहतर सड़क की है उम्मीद
भारतभारी। तीन वर्ष पूर्व सृजित हुए नगर पंचायत भारतभारी के लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो सकी। कस्बे के राकेश चौधरी, राम चरित्र मौर्या और जीत कुमार का कहना है कि पहले से ही खराब सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से उम्मीद जगी थी कि आवागमन सुविधा बेहतर होगी, लेकिन स्थिति और भी बदतर हो गई। तीन वर्ष से एक भी नई सड़क नहीं बनने और मरम्मत नहीं होने से पुरानी सड़क भी चलने योग्य नहीं रह गई है। भरत नगर निवासी फैजान अहमद का कहना है कि चुनाव में दावेदारों को कस्बे में सड़क की समस्या से निजात के सवाल का सामना तो करना ही पड़ेगा।
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शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहा बिस्कोहर
बिस्कोहर। नवसृजित नगर पंचायत बिस्कोहर के परशुराम नगर में वर्ष 2020 में पानी की टंकी का निर्माण किया गया, लेकिन जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसकी वजह से नगरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यहां के अमित कमलापुरी, रामदास भोजवाल कहते हैं कि पानी की टंकी बनने के साथ लोगों के घर तक पाइप भी बिछा दी गई है, लेकिन फिर भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। कस्बे के संतोष कुमार, कौशल और नसीबुल्लाह खान का कहना है कि पिछले कई वर्ष से शुद्ध पेयजल के अभाव में अशुद्ध पानी पी रहे कस्बे के लोग दावेदारों से सवाल तो करेंगे ही और दावेदारों को इस समस्या से समयबद्ध निजात दिलाने का जवाब देना ही पड़ेगा।