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फरियादियों की टूटी आस, फिर लौटे निराश

Tue, 16 Feb 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर Updated Tue, 16 Feb 2016 11:20 PM IST
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तहसील दिवस शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंशा है कि छोटी-छोटी शिकायतों को लेकर यहां-वहां भटकने वाली जनता को त्वरिण और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मगर जिम्मेदारों की उदासीनता कहें या कर्मचारियों की लापरवाही। तहसील दिवस में आने वाली ज्यादातर शिकायतें बस फाइलों की शोभा ही बढ़ा रही हैं। दूर-दराज से आने वाले फरियादियों की आस टूट रही है। ग्रामीण निराश लौट रहे हैं। मंगलवार को जिले की तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस का हाल इससे जुदा नहीं रहा। शिकायतें 100 से ऊपर आईं, जबकि निस्तारण दर्जन भर मामलों का ही हो पाया।
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सदर तहसील परिसर में खुद डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे। यहां पुलिस विभाग के 23, विकास के नौ, शिक्षा और समाज कल्याण के एक-एक समेत कुल 93 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए। इसमें राजस्व के दो मामलों के अलावा कुल चार का ही निस्तारण हो पाया। शेष प्रार्थना पत्रों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंप दिया गया। इस दौरान डीएम ने हिदायत दी कि एक सप्ताह के अंदर इन प्रकरणों का निस्तारण करें। तहसील दिवस में एसपी अजय कुमार साहनी, एसडीएम राजितराम प्रजापति, एसडीएम प्रशिक्षु अंकुर श्रीवास्तव, सीओ अकमल खां, एसओसी आनंद स्वरूप, सीएमओ डा.जीसी श्रीवास्तव, डीडीओ सुदामा प्रसाद, डीपीआरओ शशिकांत पांडे, तहसीलदार विमल कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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घंटों इंतजार के बाद मायूस लौटे फरियादी
तहसील सभागार में मंगलवार को एसडीएम सुरेंद्र नाथ मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 25 मामले आए। इसमें सिर्फ राजस्व के दो मामले का ही मौके पर निस्तारण हो पाया। बचे हुए मामले निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को सौंप दिए गए। तहसील दिवस में राजस्व के सात, अपराध के दो, विकास के आठ सहित 25 मामलों में राजस्व के दो मामलों का ही निस्तारण हुआ। दूर दराज गांव से समस्याओं के समाधान के लिए आए फरियादी घंटो इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए। इस दौरान तहसीलदार मंजूर अहमद, नायब तहसीलदार सुरेंद्र प्रसाद, बीडीओ भगवान सिंह, सीओ शंकर प्रसाद गुप्ता, बीईओ गोपाल मिश्र, एसओ मुकेश राय, एसओ ढेबरुआ इंद्रजीत यादव, एसओ चिल्हिया शिवाला आर्य, मंडी समिति सचिव रामजी यादव, नायब नाजिर ओमप्रकाश गिरी, गन्ना विभाग सचिव रवि सिंह, लेखपाल सुधीर श्रीवास्तव, कानूनगो अतीकुर्रहमान आदि अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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पांच महीने से काट रहे चक्कर
गांव में सड़क की मरम्मत, पिछड़ी जाति के लोगों को आवास, भूमिहीनों को पट्टे की जमीन, पेंशन मुहैया कराने के लिए पांच बार तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। स्थिति जस की तस है। इस बार भी तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया और पहले की तरह आश्वासन ही मिला।
-निराला मौर्य, नरहीं।

सारे अधिकारी यहीं, फिर भी मामला लंबित
कई बार फॉर्म देने के बाद भी पेंशन नहीं मिल पाई है। दो बार से तहसील दिवस के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। सारे अधिकारी यहीं है, बावजूद मामले को लटकाया जाना समझ से परे है।

 -श्यामलाल, भीमापार।
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तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों की जांच कराई जाती है। अधिकारियों को एक सप्ताह में उसके निस्तारण का निर्देश दिया गया है। जो मामले निस्तारण योग्य हैं, उनका समाधान तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाता है। -डा.सुरेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी।
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