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ठंडे बस्ते में नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित करने का पत्र

Sat, 03 Aug 2019 12:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 12:16 AM IST
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pending mater of change of name chande nauragh railway station
नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का पत्र ठंडे बस्ते में
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दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ने प्रमुख सचिव गृह को लिखा था पत्र
सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्र पर भी नहीं दिया ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ ही दो पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी का पत्र भी शासन स्तर पर ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। इस दिशा में सांसद समेत जागरूक नागरिकों की गुहार भी बेकार होकर रह गई है।

मुख्यालय स्थित नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर करने को लेकर बीते कई वर्षों से मांग उठ रही है। सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व जागरूक नागरिकों की ओर से लिखित पत्र के साथ ही समाचार पत्रों, सोशल मीडिया में प्रमुखता से उठाया जा रहा है, इसके बावजूद जिम्मेदारों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। शहर निवासी रवि शर्मा को आरटीआई के जवाब में लोक सूचना अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने अवगत कराया कि नाम परिवर्तन का प्रथम अधिकार राज्य सरकार के पास है। इसके लिए जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा भी पत्र भेजा जा चुका है। रवि शर्मा ने डीएम कार्यालय से इस पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जवाब में 15 जुलाई 2017 को तत्कालीन जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू की ओर से प्रमुख सचिव गृह विभाग उत्तर प्रदेश को भेजे गए पत्र की जानकारी दी। डीएम ने लिखा था कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने व महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु के कारण देश-विदेश के पर्यटक व अति विशिष्ठ अतिथियों का निरंतर आवागमन रहता है। मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद, सदर थाना का नाम तेतरी बाजार से सिद्धार्थनगर कर दिया गया है। डीएम ने 8 जून 2017 को सांसद की अध्यक्षता में संपन्न जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भी सर्वसम्मति से नाम परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया। डीएम के इस पत्र के दो वर्ष बाद भी कोई पहल नहीं हो रही है। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने के साथ ही रेलमंत्री व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मिलेंगे।
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