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224 आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल 41 के पास अपना भवन

Wed, 06 Oct 2021 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 10:57 PM IST
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Out of 224 Anganwadi centers, only 41 have their own building
औदही कलां तृतीय का आंगनबाड़ी केंद्र। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
224 आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल 41 के पास अपना भवन
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परसा। बढ़नी ब्लॉक में कुल 224 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से केवल 41 केंद्रों के पास अपना भवन है। 183 से केंद्र प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन या अस्पतालों में संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। जिन केंद्रों के पास अपना भवन है वहां पेयजल और शौचालय आदि की सुविधाएं हैं, लेकिन दूसरे के भवनों में संचालित केंद्रों की हालत काफी दयनीय है। कई केंद्रों में पानी और बिजली तक की व्यवस्था नहीं है। जरूरी सुविधाओं के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री प्राइमरी की पढ़ाई होना काफी चुनौती पूर्ण है।
अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विद्यालयों में पंजीकरण बढ़ाने या बच्चों को विद्यालयों तक लाने में मदद ली जाती थी। नई शिक्षा नीति में प्री-एजुकेशन और प्राइमरी एजुकेशन लिंक हो जाएगी। ऐसे में प्राथमिक विद्यालयों में संचालित केंद्रों में पढ़ाई आसान होगी, जबकि अन्य केंद्रों में पढ़ाई चुनौतीपूर्ण होगी। आंगनबाड़ी केंद्र से गर्भवती व धात्री महिलाओं, अतिकुपोषित बच्चों और सात माह से तीन वर्ष व तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को दाल, चावल, गेहूं और रिफाइंड तेल वितरित किया जाता है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिले।
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सीडीपीओ रविंद्र यादव ने बताया कि ब्लॉक में कुल 224 केंद्र संचालित हैं। इनमें से 41 केंद्र अपने भवन में संचालित किए जा रहे हैं। शेष 183 केंद्र प्राथमिक विद्यालय व किराए के भवनों में चल रहे हैं।
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अस्पताल में संचालित है केंद्र
आंगनबाड़ी केंद्र औदही कलां द्वितीय का विभागीय भवन जर्जर है। इस कारण उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे बैठते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेणुका विश्वास ने बताया कि केंद्र में सात माह से तीन वर्ष के 71 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 95 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां न तो बिजली है और न ही पेयजल की व्यवस्था। कार्यकर्ता अपना पूरा दिन बगल में बने स्वास्थ्य उपकेंद्र में काम करके बिता रही हैं।

एक विद्यालय में संचालित हैं दो केंद्र
बरगदवा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता पुनीता पांडेय ने बताया कि उनके गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र व एक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है। आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय में संचालित हो रहे हैं। केंद्र पर सात माह से तीन वर्ष के 65 बच्चे व तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 72 बच्चे पंजीकृत हैं। मिनी केंद्र में भी करीब 45 बच्चे हैं। दोनों केंद्र के बच्चे प्राथमिक विद्यालय के बरामदे में बैठते हैं।
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