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रात भर गांव में डटे रहे अफसर, नहीं सुलझी मौत की गुत्थी

Wed, 01 Mar 2017 11:43 PM IST
सिद्धार्थनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 01 Mar 2017 11:43 PM IST
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Officer stood overnight in the village, not death mystery solved
लोगों से पूछताछ की। - फोटो : अमर उजाला
 सेहरी बुजुर्ग गांव में सास-बहू और पोती की संदिग्ध हाल में हुई मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। मंगलवार की देर रात ही पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर गांव में पहुंच गए। बुधवार को भी दिन भर छानबीन हुई। कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया, इससे मौत का कारण स्पष्ट हो सके। संदेह के आधार पर सब्जी का सेंपल जांच को भेजा गया है। अफसरों का कहना है कि सेंपल और पीएम की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर, ऐहतियात के तौर पर पिता व दो पुत्रों को देर रात बांसी सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। शासकीय योजनाओं के तहत परिवार को आर्थिक सहायता देने का अफसरों ने आश्वासन दिया।
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सेहरी बुजुर्ग निवासी श्यामराजी (65) और रंजनी (3) की तबीयत मंगलवार को तब खराब हो गई थी, जब वह प्याज के खेत में निराई कर रहे थे। दोनों अचानक बेहोश हुई, मुंह से झाग निकला और फिर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। चंद घंटे के अंतराल पर ठीक इसी तरह रंजनी की मां बिंद्रावती (37) की भी मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैली हुई है। मंगलवार की देर शाम तक घटना से अनजान प्रशासनिक तंत्र रात करीब आठ बजे अचानक से हरकत में आया। एसडीएम बांसी डॉ. महेंद्र कुमार, सीओ डुमरियागंज जटाशंकर राव, सीओ सदर मु.अकमल खां, नायब तहसीलदार केशरी नंदन त्रिपाठी, सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर सहित पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला गांव में पहुंचा। खेत से मकान तक छानबीन की गई। संदेह के आधार पर सब्जी का सेंपल सील कर जांच को भेज दिया गया। पिता शत्रुधन व दो पुत्र संजय (8), बलिराम (7) के अलावा पड़ोसी युवती रेनू को बांसी सीएचसी ले जाया गया, जहां सुबह उन्हें छुट्टी दे दी गई। बुधवार की सुबह एसपी राकेश शंकर ने भी गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। बिसरा भी प्रिजर्व किया जाएगा। उधर, सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर का कहना था कि गांव में जाकर छानबीन की गई है। कोई जहरीली वस्तु मौके से नहीं मिली है और न ही सर्पदंश या विषैले जानवर का कोई निशान है। दूषित भोजन से मौत हुई होती तो फिर खाना खाने वाले तीन अन्य सदस्य पर कोई असर क्यों नहीं हुआ। बहरहाल, मामले में अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता। सब्जी का नमूना जांच को भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार है।
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अफवाहों से सहमे लोग, रात भर नहीं पीया पानी 
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत के बाद पूरा इलाका दहशत में है। रात भर उड़ती अफवाहों से लोग सहमे रहे। आलम यह रहा कि पास के सुगहा, विशुनपुरवा, नोनहवाडीह सहित कई गांवों में लोगों ने रात भर पानी तक नहीं पीया। किसी ने अफवाह फैलाई थी कि सास-बहू व पोती की मौत का कारण नल से आने वाला दूषित पानी है। लिहाजा लोग एक-दूसरे को नल का पानी न पीने की हिदायत देते रहे। बाद में प्रबुद्ध लोगों के किसी तरह समझाने के बाद लोगों का भ्रम दूर हुआ।
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दिमागी तौर पर कमजोर बताए जा रहे पति-पत्नी
ग्रामीणों की मानें तो मौत के मुंह में समाई ब्रिंदावती और उसका पति शत्रुधन दिमागी तौर पर कमजोर हैं। बिंद्रावती की यह दूसरी शादी थी, जबकि शत्रुधन की चौथी। गरीबी और तंगी के चलते ही पूर्व की दो पत्नियां शत्रुधन को छोड़कर जा चुकी थी। एक वर्ष पूर्व पिता की मौत के बाद शत्रुधन पर दबाव बढ़ गया था। मां श्यामराजी खेती का काम देख रही थीं, जबकि शत्रुधन आस-पास ही मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। तीन संतानों में सबसे बड़ा संजय (8) ही एलकेजी में पढ़ाई करता है।
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