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अब जहां होगा चालान, वहीं भर सकेंगे जुर्माना

Sun, 26 Jun 2022 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 10:57 PM IST
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Now wherever the challan will be, the fine can be paid there
अब जहां होगा चालान, वहीं भर सकेंगे जुर्माना
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सिद्धार्थनगर। वाहन का जुर्माना कटने पर अब यातायात कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब चालान होते ही मौके पर डिजिटिल माध्यम से जुर्माना भर सकेंगे। डिजिटल भुगतान के लिए एम पॉस मशीन से पुलिसकर्मी लैस होंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। कैसे कार्य किया जाएगा, इसके बारे में रविवार को पुलिस लाइंस सभागार में सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव ने पुलिस कर्मियों को अहम जानकारी दी।
यातायात के नियम के उल्लंघन पर वाहनों के चालान की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई है। वाहन रोकते ही अगर हेलमेट, तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट के हैं तो पुलिसकर्मी शासन की ओर से जारी मोबाइल एप पर ऑनलाइन चालान कर देते थे। तत्काल वाहन चालान होने और धनराशि से संबंधित मैसेज वाहन स्वामी के मोबाइल फोन पर पहुंच जाता था। वाहन का चालान तो ऑनलाइन हो जाता था, लेकिन भुगतान के लिए उसके स्वामी को यातायात कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।
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इस चक्कर से वाहन स्वामी को मुक्ति मिले और आसानी से वाहनों का चालान कर सकें, उसके लिए एम पॉस मशीन की व्यवस्था को लागू किया गया है। जिलों में मशीन देकर पुलिस कर्मियों को उसके संचालन के बारे में प्रशिक्षित भी कर दिया गया है। वे आसानी से वाहनों का चालान ऑनलाइन काट लेंगे। इसके लिए एटीएम कार्ड की जरूरत है। इस संबंध में रविवार को सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव ने पुलिस कर्मियों को मशीन के संचालन के संबंध में प्रशिक्षित किया। उन्हें बताया कि किस प्रकार से चालान करने का कार्य करेंगे। सीओ सदर ने बताया कि मशीन के संचालन की जानकारी दी गई। इससे वाहन स्वामियों को जुर्माना राशि जमा करने में सहूलित मिलेगी।
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स्वेच्छा से कर सकेंगे भुगतान
वाहन स्वामी को डिजिटल भुगतान उनकी स्वेच्छा पर रहेगा। इसके लिए कोई दबाव नहीं बनाएंगे। अगर वाहन चालन होता है तो अपनी स्वेच्छा से ही रकम जमा करेंगे। डिजिटल भुगतान के लिए कार्ड को मशीन पर स्वैप करना होगा। इसके बाद भुगतान हो जाएगा। मशीन में एटीएम कार्ड के अलावा कोई और दूसरा माध्यम नहीं है।

भागदौड़ से मिल जाएगी मुक्ति
आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में प्रतिदिन होने वाली चेकिंग में नियमित 100 से अधिक वाहन चालक नियम तोड़ते हुए पकड़े जाते हैं। इसमें अधिकांश ऐसे होते हैं, जिनके पास एटीएम कार्ड रहता है और तत्काल भुगतान भी कर सकते हैं। इसके पहले कोई डिजिटल व्यवस्था न होने के कारण लोगों को कार्यालय का चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ऐसे लोगों को कार्यालय के चक्कर से मुक्ति सकती है।
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