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किसानों ने सांसद का आवास घेरा, कृषि बिल वापस लेने की मांग की
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सांसद आवास का घेराव कर एसडीएम उमेश चंद निगम को ज्ञापन सौंपते भाकियू कार्यकर्ता। कोरोना गाइडलाइन
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सांसद आवास का किया घेराव, कृषि कानून वापस लेने की मांग
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सांसद आवास पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता
मांगों के समर्थन में एसडीएम और सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन टिकैत और अंबावत गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मधुकरपुर स्थित सांसद के आवास पर पहुंच गए। उनके आवास का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम और सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश महासचिव विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों का शोषण कर रही है। आय दोगुना करने की बात करने वाली सरकार कानून लाकर किसानों का अहित करने का काम कर रही है, जिसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। जब कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता है किसानों को आंदोलन जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि लागू हुआ कृषि कानून किसान विरोधी है। तीनों कानून का तत्काल वापस लिया जाए, क्योंकि यह कानून किसानों के हित में नहीं है। देश के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए, जिससे किसानों की आर्थिक स्थित में सुधार आ सके। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए, जिससे किसानों को लाभ मिल सके। भारतीय किसान यूनियन (टिकैट गुट) के जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पंकज वर्मा, फागू प्रसाद, प्रेमप्रकाश चौधरी, रामप्रकाश, मो. इदरीस, मो. रफीक, हाजी बरकतुल्लाह, मो. इस्लाम, जयराम यादव, तुफैल अहमद, हरीश प्रसाद शुक्ल, सुंदरराम यादव, नंदराम यादव, अशोक कुमार, नंदलाल और सुरेश आदि मौजूद रहे।
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सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सांसद आवास पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता
मांगों के समर्थन में एसडीएम और सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन टिकैत और अंबावत गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मधुकरपुर स्थित सांसद के आवास पर पहुंच गए। उनके आवास का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम और सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश महासचिव विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों का शोषण कर रही है। आय दोगुना करने की बात करने वाली सरकार कानून लाकर किसानों का अहित करने का काम कर रही है, जिसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। जब कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता है किसानों को आंदोलन जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि लागू हुआ कृषि कानून किसान विरोधी है। तीनों कानून का तत्काल वापस लिया जाए, क्योंकि यह कानून किसानों के हित में नहीं है। देश के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए, जिससे किसानों की आर्थिक स्थित में सुधार आ सके। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए, जिससे किसानों को लाभ मिल सके। भारतीय किसान यूनियन (टिकैट गुट) के जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पंकज वर्मा, फागू प्रसाद, प्रेमप्रकाश चौधरी, रामप्रकाश, मो. इदरीस, मो. रफीक, हाजी बरकतुल्लाह, मो. इस्लाम, जयराम यादव, तुफैल अहमद, हरीश प्रसाद शुक्ल, सुंदरराम यादव, नंदराम यादव, अशोक कुमार, नंदलाल और सुरेश आदि मौजूद रहे।
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