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माॅर्निंग वॉक : सर्दियों की सुबह स्मॉग से दमा मरीजों की बढ़ रही परेशानी
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-ओस की नमी से बंद हो सकती है सांस नलिका, सांस के मरीज टहलने से करें परहेज
-सुबह के नम मौसम में हार्ट के मरीजों को भी ब्लड प्रेशर की हो सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सुबह -शाम टहलने से किलोमीटर टहलने से शरीर दिन भर फ्रेश और एनर्जेटिक रहता है, लेकिन सर्दियों में सुबह टहलते समय थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। खासतौर पर सर्दियों में दमा व हार्ट के मरीजों को सुबह टहलते वक्त जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से दमा व हार्ट के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। वर्तमान समय में सुबह में स्मॉग व धुंध होने के कारण दमा के मरीजों को सांस लेने में समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में इन मरीजों को कोहरा छटने के बाद ही सुबह टहलने के लिए निकलना चाहिए। असल में ठंड के मौसम में शरीर का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है।
इस मौसम में ठंडी हवा और उसमें मौजूद नमी बीमारी का कारण बन सकती है। साथ ही सुबह स्मॉग और धुंध भी ज्यादा होती है, जो सांस के जरिए आपके शरीर के अंदर चली जाती है। फिर यही ठंडी हवा और जहरीली गैसें हार्ट और लंग्स से जुड़ी बीमारियों का कारण बनती हैं।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दियों की ठंडी हवा, स्मॉग और धुंध आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में अगर सर्दियों में सुबह टहलने जाते हैं तो थोड़ा संभलकर जाएं। दमा के मरीजों को सर्दियों में वॉक पर जाने से पहले स्मॉग से भरी हवा में लगातार सांस लेने से सांस की नली में जलन हो सकती है। विंड पाइप में सूजन, फेफड़ों और छाती में जमाव और घरघराहट की दिक्कत हो सकती है। सुबह की ओस बुजुर्गों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। सुबह बाहरी हवा में दूषित गैसों का लेवल ज्यादा रहता है। सर्दियों में मॉर्निंग वॉक पर जाना दिल के मरीजों को पूरी तरह से परहेज करना चाहिए।
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-सुबह के नम मौसम में हार्ट के मरीजों को भी ब्लड प्रेशर की हो सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सुबह -शाम टहलने से किलोमीटर टहलने से शरीर दिन भर फ्रेश और एनर्जेटिक रहता है, लेकिन सर्दियों में सुबह टहलते समय थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। खासतौर पर सर्दियों में दमा व हार्ट के मरीजों को सुबह टहलते वक्त जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से दमा व हार्ट के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। वर्तमान समय में सुबह में स्मॉग व धुंध होने के कारण दमा के मरीजों को सांस लेने में समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में इन मरीजों को कोहरा छटने के बाद ही सुबह टहलने के लिए निकलना चाहिए। असल में ठंड के मौसम में शरीर का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है।
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इस मौसम में ठंडी हवा और उसमें मौजूद नमी बीमारी का कारण बन सकती है। साथ ही सुबह स्मॉग और धुंध भी ज्यादा होती है, जो सांस के जरिए आपके शरीर के अंदर चली जाती है। फिर यही ठंडी हवा और जहरीली गैसें हार्ट और लंग्स से जुड़ी बीमारियों का कारण बनती हैं।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दियों की ठंडी हवा, स्मॉग और धुंध आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में अगर सर्दियों में सुबह टहलने जाते हैं तो थोड़ा संभलकर जाएं। दमा के मरीजों को सर्दियों में वॉक पर जाने से पहले स्मॉग से भरी हवा में लगातार सांस लेने से सांस की नली में जलन हो सकती है। विंड पाइप में सूजन, फेफड़ों और छाती में जमाव और घरघराहट की दिक्कत हो सकती है। सुबह की ओस बुजुर्गों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। सुबह बाहरी हवा में दूषित गैसों का लेवल ज्यादा रहता है। सर्दियों में मॉर्निंग वॉक पर जाना दिल के मरीजों को पूरी तरह से परहेज करना चाहिए।