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Siddharthnagar News: खनन का खेल, बेधड़क दौड़ने वाले ट्रैक्टर लेते हैं जान

Tue, 27 Feb 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 27 Feb 2024 01:42 AM IST
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Mining game, tractors running fearlessly take lives
सिद्धार्थनगर। कृषि कार्य में पंजीकृत होने वाले ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली जोड़कर चलाई जा रही है। बिना व्यावसायिक पंजीकरण के मिट्टी और बालू खनन में लगे ट्रैक्टर पर काम करने वाले अधिकांश चालक अप्रशिक्षित होते हैं। इनके पास वाहन चलाने का लाइसेंस भी नहीं होता है। लेकिन खनन में लगे माफिया इनको ऐसी छूट दे रखे हैं कि यह किसी को कुचलने से भी नहीं हिचकते हैं।
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कारण अधिकांश स्थानों पर मिट्टी और बालू खनन बिना रायल्टी और बिना परमिशन के चलता है। इसलिए खनन में मिट्टी की ढुलाई करने वाले प्रशासन की नजर से बचने के लिए तेज स्पीड और छोटे चौराहे और गांव की गलियों से निकलते हैं। ऐसे में उनके सामने पड़ने वाला अकसर चपेट में आ जाता है। जिले में बालू और मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर अबतक कई लोग जान गवां चुके हैं। जनवरी में डुमरियागंज में मिट्टी खनन रोकने गए नायब तहसीलदार को कुचलने की कोशिश हो चुकी है। जिम्मेदार इन घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहे हैं। कासगंज में हुई घटना कहीं न कहीं मनमानी है। ऐसे में यहां मिट्टी खनन वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली से हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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टीले की खुदाई करके बेच ली मिट्टी, डीएम के निरीक्षण में खुली पोल

शहर से सटे महरिया में लगभग 50 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि है। स्थिति यह है कि कुछ लोग कब्जा करके खेती कर लिए हैं। वहीं, दिन रात मिट्टी खुदाई जारी रहती है। खनन माफिया मिट्टी की खुदाई करके बेच रहे है। लगभग 20 दिन पहले निरीक्षण में पहुंचे जिलाधिकारी सरकारी भूमि पर खनन होता हुआ देखकर भड़क गए। सरकारी जमीन की मिट्टी कैसे निकाली जा रही थी यह बड़ा सवाल था। प्रशासन की मौजूदगी में खेत से कब्जा हटवाया गया था। यह मामला तस्दीक करने के लिए काफी है कि जिले में बेधड़क मिट्टी खनन चल रहा है।
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नायब तहसीलदार को कुचलने की हुई थी कोशिश

जनवरी में डुमरियागंज क्षेत्र में हो रहे मिट्टी खनन की हकीकत जानने के लिए नायब तहसीलदार डुमरियागंज महबूब आलम को कुचलने की कोशिश की गई। उनके सरकारी वाहन को टक्कर मारा गया था। इस मामले में कुछ लोगों पर सरकारी काम में बाध, जान से मारने की कोशिश सहित अन्य धारा में केस दर्ज हुआ था।

राप्ती नदी के तट पर हो रहा है खनन

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के राप्ती नदी के तट के पास से मिट्टी और बालू निकाला जा रहा है। घाट पर गए तो पता चला कि यह नियमित चलता है। दिन में कम रात में खनन तेज हो जाता है। एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अधिकांश लोगों का खेत नदी में विलीन हो जाता है। एक व्यक्ति के खेत से 25-30 ट्रॉली का परमिशन कराते हैं। इसके बाद नदी में कई सौ ट्रॉली निकालते हैं। रात्रि में अगर सामने कोई आ जाए तो उसे रौंदते हुए निकल जाएंगे। इसलिए शाम होते ही लोग बांध की ओर नहीं जाते हैं।

ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर चली गई थी जान

छह माह पहले लोटन कोतवाली क्षेत्र के दुकान में दूध पहुंचाने गई एक वृद्ध महिला को मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया था। हादसे में वृद्धा की मौत हो गई थी। हादसे के बाद भाग खड़ा हुआ था।


मिट्टी लदी ट्रॉली से कुचल कर चली गई थी जान

बीते वर्ष अप्रैल में शोहरतगढ़ कस्बे में मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। गिरने के बाद कुचलकर निकली गई। हादसे में 22 वर्षीय युवक की जान चली गई। बाद में पता चला कि अवैध रूप से क्षेत्र में मिट्टी खनन में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगी हुई थी।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अवैध संचालन पर निगरानी रखने एवं कार्रवाई करने के लिए सभी तहसीलों को निर्देशित किया जाएगा।

-उमाशंकर, एडीएम
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