{"_id":"5da8ad1c8ebc3e014a68a7c6","slug":"lekhpal-siddharthnagar-news-gkp325913849","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने लेखपाल को किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम ने लेखपाल को किया निलंबित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसडीएम ने लेखपाल को किया निलंबित
28 गरीब परिवारों के पट्टे के कागजात गायब करने का मामला
पट्टाधारकों से 10-10 हजार रुपये मांगने का भी लगा है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरी बुजुर्ग के 28 गरीब परिवारों के पट्टे के कागजात को तहसीलदार कार्यालय से गायब करके अपने पास रखने के आरोप में हल्का लेखपाल को एसडीएम इटवा ने निलंबित कर दिया है। साथ ही नायब तहसीलदार इटवा को जांच अधिकारी नियुक्ति कर दिया है।
निलंबित लेखपाल नवीन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरी बुजुर्ग के 28 गरीब परिवारों की स्वीकृत पट्टे के कागजात को तहसीलदार कार्यालय से गायब कर दिया था। आरोप लगा था कि गायब हुए कागजात के नाम पर पट्टाधारकों से 10-10 हजार रुपये लेखपाल ने मांगे थे। कागजात गायब होने की जानकारी पर तहसील प्रशासन ने इटवा थाने में तहरीर दी थी। तहरीर की जानकारी होते ही लेखपाल नवीन चौधरी ने तहसीलदार कार्यालय में पट्टा के कागजात को जमा कर दिया। एसडीएम त्रिभुवन का कहना है कि लेखपाल नवीन चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई की भय से पट्टे का कागजात तहसीलदार कार्यालय को उपलब्ध कराया है। ऐसे में उनके इस गंभीर कृत्य और अनुशासनहीनता के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नायब तहसीलदार इटवा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
28 गरीब परिवारों के पट्टे के कागजात गायब करने का मामला
पट्टाधारकों से 10-10 हजार रुपये मांगने का भी लगा है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरी बुजुर्ग के 28 गरीब परिवारों के पट्टे के कागजात को तहसीलदार कार्यालय से गायब करके अपने पास रखने के आरोप में हल्का लेखपाल को एसडीएम इटवा ने निलंबित कर दिया है। साथ ही नायब तहसीलदार इटवा को जांच अधिकारी नियुक्ति कर दिया है।
निलंबित लेखपाल नवीन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरी बुजुर्ग के 28 गरीब परिवारों की स्वीकृत पट्टे के कागजात को तहसीलदार कार्यालय से गायब कर दिया था। आरोप लगा था कि गायब हुए कागजात के नाम पर पट्टाधारकों से 10-10 हजार रुपये लेखपाल ने मांगे थे। कागजात गायब होने की जानकारी पर तहसील प्रशासन ने इटवा थाने में तहरीर दी थी। तहरीर की जानकारी होते ही लेखपाल नवीन चौधरी ने तहसीलदार कार्यालय में पट्टा के कागजात को जमा कर दिया। एसडीएम त्रिभुवन का कहना है कि लेखपाल नवीन चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई की भय से पट्टे का कागजात तहसीलदार कार्यालय को उपलब्ध कराया है। ऐसे में उनके इस गंभीर कृत्य और अनुशासनहीनता के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नायब तहसीलदार इटवा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन