{"_id":"655a60000e8ab3c298052024","slug":"katha-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-8462-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: कृष्ण जन्म की कथा सुन भावविभोर हुए दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: कृष्ण जन्म की कथा सुन भावविभोर हुए दर्शक
Mon, 20 Nov 2023 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। क्षेत्र के काजी रुधौली चौराहे पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक ने श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। इसे सुन दर्शक भावविभोर हो गए।
कथा व्यास राजेश शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति यदि दूसरों का हित करे तो उसका हित स्वयं हो जाता है। उन्होंने कहा कि कथा व्यास सुकदेव जी महाराज से राजा परीक्षित ने चौथे दिन की कथा में भगवान कृष्ण की कथा सुनाने का आग्रह किया। तो इन्होंने पहले संक्षेप में पूरी कथा उन्हें सुना दी। लेकिन जब परीक्षित ने विस्तार से सुनने का आग्रह किया तो कथा व्यास ने चंद्र वंश के आरंभ से उसके अंत तक की कथा उन्हें सुनाई।
कथा व्यास शास्त्री ने कहा कि आज इंसान ईर्ष्या में मरा जा रहा है। दूसरों का सुख देखकर वह दुखी है, जबकि ईश्वर ने उसे सबकुछ दिया है। वह माया में इस तरह उलझा है कि उसे अपनी मुक्ति का मार्ग भी नहीं सूझ रहा है। लोग मंदिर जाते ही लेकिन मंदिर में बैठे भगवान की मूरत को मंदिर में रहने तक ही हृदय में बसा पाते हैं। मंदिर से बाहर निकलने के बाद भी यदि उसी मूरत को मन में बसा लें, तो मोक्ष प्राप्त करने के लिए इंसान को और कुछ करने की जरूरत नही है।
विज्ञापन
पूजा पांडाल में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। भक्ति व बधाई आदि गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान संपूर्णानंद शुक्ल, प्रकाश मती शुक्ला, संतोष मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, चंद्रमणि शुक्ल, उषा शुक्ला, पूनम शुक्ला, अगस्त्य, प्रभाष, नैना, मानसी, अदिति, गरिमा, शिवम आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। क्षेत्र के काजी रुधौली चौराहे पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक ने श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। इसे सुन दर्शक भावविभोर हो गए।
कथा व्यास राजेश शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति यदि दूसरों का हित करे तो उसका हित स्वयं हो जाता है। उन्होंने कहा कि कथा व्यास सुकदेव जी महाराज से राजा परीक्षित ने चौथे दिन की कथा में भगवान कृष्ण की कथा सुनाने का आग्रह किया। तो इन्होंने पहले संक्षेप में पूरी कथा उन्हें सुना दी। लेकिन जब परीक्षित ने विस्तार से सुनने का आग्रह किया तो कथा व्यास ने चंद्र वंश के आरंभ से उसके अंत तक की कथा उन्हें सुनाई।
विज्ञापन
कथा व्यास शास्त्री ने कहा कि आज इंसान ईर्ष्या में मरा जा रहा है। दूसरों का सुख देखकर वह दुखी है, जबकि ईश्वर ने उसे सबकुछ दिया है। वह माया में इस तरह उलझा है कि उसे अपनी मुक्ति का मार्ग भी नहीं सूझ रहा है। लोग मंदिर जाते ही लेकिन मंदिर में बैठे भगवान की मूरत को मंदिर में रहने तक ही हृदय में बसा पाते हैं। मंदिर से बाहर निकलने के बाद भी यदि उसी मूरत को मन में बसा लें, तो मोक्ष प्राप्त करने के लिए इंसान को और कुछ करने की जरूरत नही है।
विज्ञापन
पूजा पांडाल में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। भक्ति व बधाई आदि गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान संपूर्णानंद शुक्ल, प्रकाश मती शुक्ला, संतोष मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, चंद्रमणि शुक्ल, उषा शुक्ला, पूनम शुक्ला, अगस्त्य, प्रभाष, नैना, मानसी, अदिति, गरिमा, शिवम आदि शामिल रहे।