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बारिश के बाद चटख धूप से बिगड़ रही सेहत, वायरल फीवर के मरीज बढ़े
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बारिश के बाद चटख धूप से बिगड़ रही सेहत, वायरल फीवर के मरीज बढ़े
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद दो दिन से हो रही कड़ी धूप से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक वायरल बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। इनमें बच्चों की तादाद अधिक है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। दोपहर तक दो बजे तक 1336 मरीज ओपीडी में दिखा चुके थे। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं। उनकी सलाह है कि धूप और बारिश से बचाव ही बीमारी से बचने का मुख्य उपाय है।
करीब ढाई माह बाद पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। बारिश के बाद गर्मी से लोगों को राहत मिली थी। इसी बीच पिछले दो दिन से सुबह से ही कड़ी धूप हो रही है। उसका खराब असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। लोग सर्दी-जुकाम के साथ ही बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। बारिश बंद होने के बाद एकाएक धूप होने से सेहत बिगड़ रही है। इस लिए इन दिनों अस्पताल में ऐसे में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। सोमवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज दिखे। चिकित्सकों के कक्ष में खचाखच भीड़ रही। बालरोग विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार के कक्ष में बच्चों की भीड़ थी।
इसमें अधिकांश उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। इसी प्रकार फीजिशियन डॉ. सीबी चौधरी के कक्ष में और बाहर बड़ी संख्या में मरीज थे। इसमें अधिकांश मरीज वायरल फीवर से पीड़ित मिले। वहीं, पर्ची काउंटर पर सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीज और तीमारदारों की कतरा रही। चिकित्सकों को दिखाने के बाद जांच के लिए अधिकांश लोग लैब पर दिखे। नमूने देने के लिए लंबी लाइन थी। दूसरी ओर रिपोर्ट लेने के लिए लोग लाइन में लगे दिखे। वहीं, दवा काउंटर पर भी मरीजों की भीड़ दिखी। चिकित्सकों का कहना था कि यह मौसम का उतार चढ़ाव है। इसमें धूप और बारिश के पानी से बचाव बहुत ही जरूरी है। इस संबंध में प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज डॉ. सलिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में जो भी सुविधाएं हैं, उसमें बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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आंख की भी बीमारी के मरीज बढ़े
मौसम में बदलाव होने के कारण लोग आंख की बीमारी के भी शिकार हो रहे हैं। बारिश के पानी केे कारण आंख में जलन, खुजली और पानी आने जैसी समस्या हो रही है। इस प्रकार के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश का पानी नुकसानदेह है। इस लिए जहां तक हो सके, इससे बचाव करें।
लंबे अंतराल के बाद बारिश हुई है। इसके बाद मौसम खुल गया और कड़ी धूप होने लगी। बारिश के बाद धूप से गर्मी और बढ़ गई है। ऐसे में बुखार, जुकाम, बच्चों में उल्टी-दस्त के साथ बुखार तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए धूप में कम निकलें। बारिश में भीगें नहीं। अगर वायरल का शिकार हो रहे हैं तो तत्काल चिकित्सक की सलाह से दवा लें। नियमित दवा से ही निजात मिलेगी।
- डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद दो दिन से हो रही कड़ी धूप से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक वायरल बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। इनमें बच्चों की तादाद अधिक है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। दोपहर तक दो बजे तक 1336 मरीज ओपीडी में दिखा चुके थे। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं। उनकी सलाह है कि धूप और बारिश से बचाव ही बीमारी से बचने का मुख्य उपाय है।
करीब ढाई माह बाद पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। बारिश के बाद गर्मी से लोगों को राहत मिली थी। इसी बीच पिछले दो दिन से सुबह से ही कड़ी धूप हो रही है। उसका खराब असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। लोग सर्दी-जुकाम के साथ ही बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। बारिश बंद होने के बाद एकाएक धूप होने से सेहत बिगड़ रही है। इस लिए इन दिनों अस्पताल में ऐसे में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। सोमवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज दिखे। चिकित्सकों के कक्ष में खचाखच भीड़ रही। बालरोग विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार के कक्ष में बच्चों की भीड़ थी।
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इसमें अधिकांश उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। इसी प्रकार फीजिशियन डॉ. सीबी चौधरी के कक्ष में और बाहर बड़ी संख्या में मरीज थे। इसमें अधिकांश मरीज वायरल फीवर से पीड़ित मिले। वहीं, पर्ची काउंटर पर सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीज और तीमारदारों की कतरा रही। चिकित्सकों को दिखाने के बाद जांच के लिए अधिकांश लोग लैब पर दिखे। नमूने देने के लिए लंबी लाइन थी। दूसरी ओर रिपोर्ट लेने के लिए लोग लाइन में लगे दिखे। वहीं, दवा काउंटर पर भी मरीजों की भीड़ दिखी। चिकित्सकों का कहना था कि यह मौसम का उतार चढ़ाव है। इसमें धूप और बारिश के पानी से बचाव बहुत ही जरूरी है। इस संबंध में प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज डॉ. सलिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में जो भी सुविधाएं हैं, उसमें बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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आंख की भी बीमारी के मरीज बढ़े
मौसम में बदलाव होने के कारण लोग आंख की बीमारी के भी शिकार हो रहे हैं। बारिश के पानी केे कारण आंख में जलन, खुजली और पानी आने जैसी समस्या हो रही है। इस प्रकार के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश का पानी नुकसानदेह है। इस लिए जहां तक हो सके, इससे बचाव करें।
लंबे अंतराल के बाद बारिश हुई है। इसके बाद मौसम खुल गया और कड़ी धूप होने लगी। बारिश के बाद धूप से गर्मी और बढ़ गई है। ऐसे में बुखार, जुकाम, बच्चों में उल्टी-दस्त के साथ बुखार तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए धूप में कम निकलें। बारिश में भीगें नहीं। अगर वायरल का शिकार हो रहे हैं तो तत्काल चिकित्सक की सलाह से दवा लें। नियमित दवा से ही निजात मिलेगी।
- डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज