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भाजपा ने राहुल का पुतला जलाया
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:59 PM IST
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जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारेबाजी करने वालों के समर्थन से क्षुब्ध भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का पुतला जलाया। जिला कार्यालय से जुलूस निकाल कर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य द्वार के समक्ष पुतला जलाया।
राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कुलपति को निलंबित करने और नारेबाजी करने वालों का समर्थन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने कहा कि जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने का मामला सबके सामने आ चुका है।
इसके बावजूद वोट बैंक की राजनीति में कांग्रेस राष्ट्र विरोधी तत्वों का समर्थन कर रही है। देश की अस्मिता से जुड़े इस मसले पर राजनीति के बजाय विपक्ष को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए।
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कांग्रेस का रवैया निंदनीय है और इससे भी अधिक चिंताजनक पार्टी नेताओं का आरोपियों की पैरवी करना है। भाजपा इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने जेएनयू के कुलपति और कांग्रेस, वामपंथी दलों की मान्यता खत्म करने की भी मांग की। इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शन में लक्ष्मीकांत जायसवाल, देवेंद्र कुमार मिश्र, मंगल चौरसिया, गोविन्द माधव, पुनीत मिश्र, दुर्गेश वाल्मीकि, फूलचंद जायसवाल, आशीष शुक्ल, श्यामसुंदर मित्तल, नरेन्द्र श्रीवास्तव, राधारमण त्रिपाठी, संतोष उपाध्याय, रामजीत यादव, राजेश जायसवाल, सिद्धार्थ सिंह, कन्हैया पासवान, राजू पाल, जेपी सिंह, लालजी त्रिपाठी, रामयश प्रसाद आदि शामिल रहे।
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राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कुलपति को निलंबित करने और नारेबाजी करने वालों का समर्थन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने कहा कि जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने का मामला सबके सामने आ चुका है।
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इसके बावजूद वोट बैंक की राजनीति में कांग्रेस राष्ट्र विरोधी तत्वों का समर्थन कर रही है। देश की अस्मिता से जुड़े इस मसले पर राजनीति के बजाय विपक्ष को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए।
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कांग्रेस का रवैया निंदनीय है और इससे भी अधिक चिंताजनक पार्टी नेताओं का आरोपियों की पैरवी करना है। भाजपा इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने जेएनयू के कुलपति और कांग्रेस, वामपंथी दलों की मान्यता खत्म करने की भी मांग की। इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शन में लक्ष्मीकांत जायसवाल, देवेंद्र कुमार मिश्र, मंगल चौरसिया, गोविन्द माधव, पुनीत मिश्र, दुर्गेश वाल्मीकि, फूलचंद जायसवाल, आशीष शुक्ल, श्यामसुंदर मित्तल, नरेन्द्र श्रीवास्तव, राधारमण त्रिपाठी, संतोष उपाध्याय, रामजीत यादव, राजेश जायसवाल, सिद्धार्थ सिंह, कन्हैया पासवान, राजू पाल, जेपी सिंह, लालजी त्रिपाठी, रामयश प्रसाद आदि शामिल रहे।