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बिन पानी, सब बेमानी
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प्राथमिक विद्यालय सिरसिया राजा पर लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बिन पानी, सब बेमानी
- जिले में अधूरे पड़े हैं ओवरहेड टैंक, 3,500 हैंडपंप खराब
- खराब पड़े इंडिया मार्क टू हैंडपंप की नहीं हो रही मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जल ही जीवन है, इसके बिना जिदंगी की परिकल्पना नहीं की जा सकती। हम यह भी कह सकते हैं कि बिना पानी के जीवन बेमानी है, लेकिन जिले के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। जनपद में बन रहे 129 ओवरहेड टैंक का निर्माण अब तक पूरा नहीं किया सका है। वहीं, 3,500 इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़े हैं जिससे ठीक नहीं कराया जा सका है।
जिले में शुद्ध पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत हर घर नल योजना के तहत स्वीकृत 129 ओवरहेड टैंक जनवरी 2022 से बन रहे हैं। दिसंबर तक इसे पूरा करना है, लेकिन 50 से 60 फीसदी तक ही काम पूरा हो सका है। कई जगहों पर पाइप लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
वहीं, जल निगम की तरफ से जिले में अब तक 32.5 हजार इंडिया मार्क टू हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इनमें से 3,500 हैंडपंप खराब हो गए हैं या दूषित पानी से दे रहे हैं। जिसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसकी वजह से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा, फिर भी समाधान नहीं
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भी शुद्ध पेयजल का मामला उठा। इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने कठेला में जलापूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया। डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने परसपुर मसिना के ओवरहेड टैंक में लिकेज का मरम्मत नहीं होने की शिकायत की। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब होने की बात कही। सांसद जगदंबिका पाल ने मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
निजी संसाधन पर निर्भरता
जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को निजी संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर तबका दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जिसकी वजह जलजनित बीमारी होने की आशंका रहती है।
गांवों में खराब एवं रिबोर योग्य इंडिया मार्क टू हैंडपंपों को चिह्नित कर मरम्मत कराने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिए गए हैं। जहां भी हैंडपंप खराब होते हैं उसे ठीक कराया जाता है।
- आदर्श, डीपीआरओ
जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना के तहत जिले में स्वीकृत 129 परियोजनाओं में 80 पर कार्य शुरू कराया गया है, जल्द ही कार्य पूर्ण कर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
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- जिले में अधूरे पड़े हैं ओवरहेड टैंक, 3,500 हैंडपंप खराब
- खराब पड़े इंडिया मार्क टू हैंडपंप की नहीं हो रही मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जल ही जीवन है, इसके बिना जिदंगी की परिकल्पना नहीं की जा सकती। हम यह भी कह सकते हैं कि बिना पानी के जीवन बेमानी है, लेकिन जिले के अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। जनपद में बन रहे 129 ओवरहेड टैंक का निर्माण अब तक पूरा नहीं किया सका है। वहीं, 3,500 इंडिया मार्क टू हैंडपंप खराब पड़े हैं जिससे ठीक नहीं कराया जा सका है।
जिले में शुद्ध पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत हर घर नल योजना के तहत स्वीकृत 129 ओवरहेड टैंक जनवरी 2022 से बन रहे हैं। दिसंबर तक इसे पूरा करना है, लेकिन 50 से 60 फीसदी तक ही काम पूरा हो सका है। कई जगहों पर पाइप लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
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वहीं, जल निगम की तरफ से जिले में अब तक 32.5 हजार इंडिया मार्क टू हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इनमें से 3,500 हैंडपंप खराब हो गए हैं या दूषित पानी से दे रहे हैं। जिसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसकी वजह से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा, फिर भी समाधान नहीं
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भी शुद्ध पेयजल का मामला उठा। इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने कठेला में जलापूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया। डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने परसपुर मसिना के ओवरहेड टैंक में लिकेज का मरम्मत नहीं होने की शिकायत की। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने विद्यालयों में लगे हैंडपंप खराब होने की बात कही। सांसद जगदंबिका पाल ने मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
निजी संसाधन पर निर्भरता
जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को निजी संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर तबका दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जिसकी वजह जलजनित बीमारी होने की आशंका रहती है।
गांवों में खराब एवं रिबोर योग्य इंडिया मार्क टू हैंडपंपों को चिह्नित कर मरम्मत कराने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिए गए हैं। जहां भी हैंडपंप खराब होते हैं उसे ठीक कराया जाता है।
- आदर्श, डीपीआरओ
जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना के तहत जिले में स्वीकृत 129 परियोजनाओं में 80 पर कार्य शुरू कराया गया है, जल्द ही कार्य पूर्ण कर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम