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बाइक चुराकर बिहार में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
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बाइक चुराकर बिहार में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
सिद्धार्थनगर। बाइक चुराकर बिहार में बेचने वाले गिरोह को एसओजी और सदर थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया। एक नाबालिग सहित पांच आरोपितों को नगर से सटे जमुआर नाले के पास से मंगलवार की सुबह पकड़ा गया। आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की आठ बाइक और तमंचा बरामद किया है। पूछताछ के बाद चार आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नाबालिग को बाल सुधारगृह बस्ती भेजा गया है।
पुलिस लाइंस सभागार में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि बाइक चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी टीम को जिम्मेदारी दी गई थी। मंगलवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक चोरी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य, नगर के जमुआर नाले के पास मौजूद हैं और वे किसी का इंतजार कर रहे हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी जीवन तिवारी ने सदर कोतवाल तहसीलदार सिंह के साथ जेल चौकी प्रभारी शशांक कुमार सिंह और पुरानी नौगढ़ चौकी प्रभारी चंदन कुमार, एसआई सभाजीत मिश्र के साथ संयुक्त टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। टीम ने चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को देखकर बाइक से आ रहे लोग मुड़ने लगे।
संदेह होने में उन्हें घेरकर पकड़ा गया। वाहन के कागज मांगे गए तो वे नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाइक चोरी की है। उन्हीं के बताए हुए स्थान से छह अन्य बाइक सहित कुल आठ मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। मौके से पांच लोगों को पकड़ा गया। उनकी पहचान अमित रस्तोगी, अक्षय रस्तोगी निवासी ग्राम मदनपुर थाना उसका बाजार, विशाल यादव व राहुल यादव निवासी रघुनाथपुर थाना रघुनाथपुर, जनपद सीवान, बिहार है। इसके अलावा एक नाबालिग पकड़ा गया है। एक आरोपित के पास से तमंचा भी बरामद हुआ है। आरोपितों को पकड़ने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
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जिले की बाइक बिहार में भेजते थे
पुलिस के मुताबिक, चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों में, जो बिहार के रहने वाले हैं, वे बिहार से चोरी की गई बाइक को इस जिले में भेज देते थे। वहीं, सिद्धार्थनगर से चोरी होने वाली बाइक को वे बिहार भेज देते थे। वे नंबर प्लेट को बदलकर बाइक को बेच देते थे।
ग्राहक को सेट करने के बाद वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बाइक चोरी करने से पहले इस गिरोह के सदस्य, ग्राहक को सेट कर लेते थे। उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। यहां तक कि चोरी करने के बाद बाइक की डिलिवरी गोरखपुर या फिर कुशीनगर के आसपास करते थे, जिससे किसी को शक न हो। गिरोह के सदस्य बाइक का चेसिस नंबर भी खुरच देते थे, जिससे जांच के वक्त पकड़ में न आए कि असल में वह किसके नाम से है।
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सिद्धार्थनगर। बाइक चुराकर बिहार में बेचने वाले गिरोह को एसओजी और सदर थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया। एक नाबालिग सहित पांच आरोपितों को नगर से सटे जमुआर नाले के पास से मंगलवार की सुबह पकड़ा गया। आरोपितों के पास से पुलिस ने चोरी की आठ बाइक और तमंचा बरामद किया है। पूछताछ के बाद चार आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नाबालिग को बाल सुधारगृह बस्ती भेजा गया है।
पुलिस लाइंस सभागार में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि बाइक चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी टीम को जिम्मेदारी दी गई थी। मंगलवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक चोरी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य, नगर के जमुआर नाले के पास मौजूद हैं और वे किसी का इंतजार कर रहे हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी जीवन तिवारी ने सदर कोतवाल तहसीलदार सिंह के साथ जेल चौकी प्रभारी शशांक कुमार सिंह और पुरानी नौगढ़ चौकी प्रभारी चंदन कुमार, एसआई सभाजीत मिश्र के साथ संयुक्त टीम बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। टीम ने चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को देखकर बाइक से आ रहे लोग मुड़ने लगे।
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संदेह होने में उन्हें घेरकर पकड़ा गया। वाहन के कागज मांगे गए तो वे नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाइक चोरी की है। उन्हीं के बताए हुए स्थान से छह अन्य बाइक सहित कुल आठ मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। मौके से पांच लोगों को पकड़ा गया। उनकी पहचान अमित रस्तोगी, अक्षय रस्तोगी निवासी ग्राम मदनपुर थाना उसका बाजार, विशाल यादव व राहुल यादव निवासी रघुनाथपुर थाना रघुनाथपुर, जनपद सीवान, बिहार है। इसके अलावा एक नाबालिग पकड़ा गया है। एक आरोपित के पास से तमंचा भी बरामद हुआ है। आरोपितों को पकड़ने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
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जिले की बाइक बिहार में भेजते थे
पुलिस के मुताबिक, चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों में, जो बिहार के रहने वाले हैं, वे बिहार से चोरी की गई बाइक को इस जिले में भेज देते थे। वहीं, सिद्धार्थनगर से चोरी होने वाली बाइक को वे बिहार भेज देते थे। वे नंबर प्लेट को बदलकर बाइक को बेच देते थे।
ग्राहक को सेट करने के बाद वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बाइक चोरी करने से पहले इस गिरोह के सदस्य, ग्राहक को सेट कर लेते थे। उसके बाद वारदात को अंजाम देते थे। यहां तक कि चोरी करने के बाद बाइक की डिलिवरी गोरखपुर या फिर कुशीनगर के आसपास करते थे, जिससे किसी को शक न हो। गिरोह के सदस्य बाइक का चेसिस नंबर भी खुरच देते थे, जिससे जांच के वक्त पकड़ में न आए कि असल में वह किसके नाम से है।