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बर्बाद हो रहे किसान, कालाबाजारी मालामाल
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:52 PM IST
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धान का कटोरा कहे जाने वाले जिले के अन्नदाता सरकारी मशीनरी की उदासीनता व प्रशासनिक खोखले दावे के चलते एक बार फिर अपनी उपज औने-पौने दाम में बेचने को विवश हो गए। सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटे के चलते प्राइवेट दुकानदार औने-पौने दाम में किसानों की हाड़तोड़ मेहनत से पैदा की गई उपज को खरीद लिए। लाचार किसान अपनी पीड़ा किससे सुनाएं।
समर्थन मूल्य पाने की आस में किसानों ने जो सपने संजोए थे, वह चकनाचूर हो गए। दो माह पूर्व क्रय केंद्र खुले लेकिन इस पर किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है।
ऐसे में लाचार किसान दौड़ लगाकर अपनी उपज जरूरत के चलतेे प्राइवेट दुकानदारों को बेच दिए। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य आम किसान के लिए नहीं पहुंच वालों के लिए है। पिछले साल की तरह चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 में गेहूं क्रय के लिए शासन के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में एफसीआई, मार्केटिंग, विपणन सहित कुल 9 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई।
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तीन माह पूर्व खोले गए इन क्रय केंद्रों पर बैनर टंग गए। किसान अपनी उपज लेकर यहां चक्कर लगाना शुरू कर दिए, लेकिन उनकी उपज इन क्रय केंद्रों पर न बिक सकी। एफसीआई के कड़े निर्देशों पर मिलर मालिकों ने धान लेने से मना किया और केंद्र ने खरीद शुरू हीं नही किया।
एफसीआई मिलर व क्रय केंद्र की खींचातानी में किसान पिसते रहे। चार दिन पूर्व एफसीआई में कुछ प्रतिशत डैमेज चावल में छूट दी। बाद इसके भी क्रय केंद्रों पर उदासीनता कायम है। डुमरियागंज एसडीएम विनय कुमार सिंह ने कहा कि मानक के अनुसार धान की खरीद डुमरियागंज व भनवापुर में चल रही है।
क्षेत्रीय किसान क्रय केंद्र पहुंचकर अपनी उपज का तौल कराकर समर्थन मूल्य का लाभ लें। यदि कोई दिक्कत हो तो तत्काल मुझसे संपर्क करें। तहसील में कितनी खरीद हुई के सवाल पर एसडीएम ने कहा कि यह जानकारी डिप्टी आरएमओ ही दे सकते हैं। हम इतना जानते हैं कि खरीद चल रही है।
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समर्थन मूल्य पाने की आस में किसानों ने जो सपने संजोए थे, वह चकनाचूर हो गए। दो माह पूर्व क्रय केंद्र खुले लेकिन इस पर किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है।
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ऐसे में लाचार किसान दौड़ लगाकर अपनी उपज जरूरत के चलतेे प्राइवेट दुकानदारों को बेच दिए। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य आम किसान के लिए नहीं पहुंच वालों के लिए है। पिछले साल की तरह चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 में गेहूं क्रय के लिए शासन के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में एफसीआई, मार्केटिंग, विपणन सहित कुल 9 क्रय केंद्रों की स्थापना की गई।
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तीन माह पूर्व खोले गए इन क्रय केंद्रों पर बैनर टंग गए। किसान अपनी उपज लेकर यहां चक्कर लगाना शुरू कर दिए, लेकिन उनकी उपज इन क्रय केंद्रों पर न बिक सकी। एफसीआई के कड़े निर्देशों पर मिलर मालिकों ने धान लेने से मना किया और केंद्र ने खरीद शुरू हीं नही किया।
एफसीआई मिलर व क्रय केंद्र की खींचातानी में किसान पिसते रहे। चार दिन पूर्व एफसीआई में कुछ प्रतिशत डैमेज चावल में छूट दी। बाद इसके भी क्रय केंद्रों पर उदासीनता कायम है। डुमरियागंज एसडीएम विनय कुमार सिंह ने कहा कि मानक के अनुसार धान की खरीद डुमरियागंज व भनवापुर में चल रही है।
क्षेत्रीय किसान क्रय केंद्र पहुंचकर अपनी उपज का तौल कराकर समर्थन मूल्य का लाभ लें। यदि कोई दिक्कत हो तो तत्काल मुझसे संपर्क करें। तहसील में कितनी खरीद हुई के सवाल पर एसडीएम ने कहा कि यह जानकारी डिप्टी आरएमओ ही दे सकते हैं। हम इतना जानते हैं कि खरीद चल रही है।