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वार्ता विफल होने पर भड़के लेखपाल, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 May 2017 11:14 PM IST
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बांसी में एसडीएम कार्यालय पर धरना देते लेखपाल संघ के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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बांसी। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार देर शाम तहसील परिसर में धरनारत लेखपालों की एसडीएम से तीखी नोक-झोंक हुई। वार्ता विफल होने से नाराज लेखपालों ने एसडीएम कक्ष को घेर लिया और प्रदर्शन किया। गेट के सामने धरने पर बैठे लेखपालों ने एसडीएम को कक्ष से बाहर नहीं निकलने दिया। हंगामा बढ़ता देख भारी फोर्स भी मौके पर पहुंच गई।
एसडीएम के रुख से नाराज लेखपालों का कहना था कि जब तक डीएम खुद मौके पर आकर कार्रवाई नहीं करते, वह मौके से नहीं हटेंगे। करीब डेढ़ घंटे तक एसडीएम कक्ष के अंदर ही बैठे रहे। तहसील इकाई के लेखपाल चार दिनों से धरने पर हैं। वेतन भत्ते, नवनियुक्त लेखपालों के प्रशिक्षण, ट्रांसफर में अनियमितता सहित अन्य मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन चल रहा है। गुरुवार की शाम करीब 6 बजे एसडीएम के क्षेत्र के भ्रमण से लौटने के बाद लेखपाल संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद्र, मंत्री रामअजोर चौधरी के नेतृत्व में लेखपालों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता को एसडीएम कक्ष में पहुंचा। बताते हैं कि यहां वार्ता के दौरान लेखपालों ने लंबित वेतन बिल पास करने की मांग रखी। इसे लेकर लेखपालों व एसडीएम में तीखी नोक-झोंक हुई।
गुस्साए लेखपाल एसडीएम कक्ष के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि एसडीएम का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति शोभनीय है। लिहाजा जब तक एसडीएम का ट्रांसफर नहीं होता वह गेट से नहीं हटेंगे। धरने के चलते एसडीएम भी कमरे से बाहर नहीं निकल सके। रात करीब साढ़े सात बजे तक लेखपालों का धरना जारी रहा। विरोध प्रदर्शन में सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, इफ्तेखार अहमद, कमलेश मिश्र, प्रभात कुमार तिवारी, बैजनाथ, श्यामनाथ, ओमशंकर लाल, अशोक कुमार, अरुण कुमार, शमशेर बहादुर, गिरीश श्रीवास्तव, फारूक अहमद, अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम के रुख से नाराज लेखपालों का कहना था कि जब तक डीएम खुद मौके पर आकर कार्रवाई नहीं करते, वह मौके से नहीं हटेंगे। करीब डेढ़ घंटे तक एसडीएम कक्ष के अंदर ही बैठे रहे। तहसील इकाई के लेखपाल चार दिनों से धरने पर हैं। वेतन भत्ते, नवनियुक्त लेखपालों के प्रशिक्षण, ट्रांसफर में अनियमितता सहित अन्य मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन चल रहा है। गुरुवार की शाम करीब 6 बजे एसडीएम के क्षेत्र के भ्रमण से लौटने के बाद लेखपाल संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद्र, मंत्री रामअजोर चौधरी के नेतृत्व में लेखपालों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता को एसडीएम कक्ष में पहुंचा। बताते हैं कि यहां वार्ता के दौरान लेखपालों ने लंबित वेतन बिल पास करने की मांग रखी। इसे लेकर लेखपालों व एसडीएम में तीखी नोक-झोंक हुई।
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गुस्साए लेखपाल एसडीएम कक्ष के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि एसडीएम का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति शोभनीय है। लिहाजा जब तक एसडीएम का ट्रांसफर नहीं होता वह गेट से नहीं हटेंगे। धरने के चलते एसडीएम भी कमरे से बाहर नहीं निकल सके। रात करीब साढ़े सात बजे तक लेखपालों का धरना जारी रहा। विरोध प्रदर्शन में सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, इफ्तेखार अहमद, कमलेश मिश्र, प्रभात कुमार तिवारी, बैजनाथ, श्यामनाथ, ओमशंकर लाल, अशोक कुमार, अरुण कुमार, शमशेर बहादुर, गिरीश श्रीवास्तव, फारूक अहमद, अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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