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Siddharthnagar News: सागर की नहरों पर भी अतिक्रमण, अस्तित्व खतरे में
Fri, 25 Aug 2023 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 25 Aug 2023 11:17 PM IST
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बर्डपुर क्षेत्र में नहर पर हो रहा अतिक्रमण
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सिद्धार्थनगर। जिले के बर्डपुर क्षेत्र में स्थित 10 सागरों से निकली 243 किमी 40 नहरों पर अतिक्रमण से उनके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। सागरों पर अतिक्रमण के साथ ही इन नहरों पर कई स्थानों पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर लिए गए है।
बर्डपुर अलीगढ़वा मार्ग पर तेनुहवा व हथियवा गांव के बीच स्थित नहर पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसके साथ ही करीमपुर और महापाली गांव के बीच भी सागर की नहर पर भी अतिक्रमण हो गया है। स्थानीय किसान रामहित, नफीस और रामकरन का कहना है कि नहरों पर अतिक्रमण के चलते कई क्षेत्रों में खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे किसान खेत की सिंचाई के लिए परेशान रहते है। विभागीय अधिकारियों पर अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए। ड्रेनेज खंड के एई एमके रायजादा का कहना है कि जल्द ही अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
भारत नेपाल सीमा से निकट बने सागरों से निकली नहरों की अस्तित्व ही खतरों में पड़ गई है अंग्रेजी हुकूमत में नेपाल की पानी स्टोर कर सिचाई के उद्देश्यों से बनाई गई दसो सागरों से निकली तकरीबन 40 से अधिक नहरों को अबैध रूपसे पटाई कर घर बना लिया गया है या उसका पटाई कर अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया है मझौली सागर, मर्थी सागर, सिसवा सागर सहित सभी सागरों से कम से कम चार से लेकर पांच नहरे निकली है जिसकी पानी सीधे नौगढ़ ढाबे में पानी हेड से टेल तक पहुचता था आज सागरों की पानी छोड़ दिया जाय तो पांच किलोमीटर से आगे नही जाएगा।
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वर्जन
सागर क्षेत्र हो या नहर, जहां भी अवैध कब्जा हुआ होगा, उसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। नहरों में अवैध कब्जा से सिंचाई प्रभावित नहीं होगी।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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बर्डपुर अलीगढ़वा मार्ग पर तेनुहवा व हथियवा गांव के बीच स्थित नहर पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसके साथ ही करीमपुर और महापाली गांव के बीच भी सागर की नहर पर भी अतिक्रमण हो गया है। स्थानीय किसान रामहित, नफीस और रामकरन का कहना है कि नहरों पर अतिक्रमण के चलते कई क्षेत्रों में खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे किसान खेत की सिंचाई के लिए परेशान रहते है। विभागीय अधिकारियों पर अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए। ड्रेनेज खंड के एई एमके रायजादा का कहना है कि जल्द ही अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
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भारत नेपाल सीमा से निकट बने सागरों से निकली नहरों की अस्तित्व ही खतरों में पड़ गई है अंग्रेजी हुकूमत में नेपाल की पानी स्टोर कर सिचाई के उद्देश्यों से बनाई गई दसो सागरों से निकली तकरीबन 40 से अधिक नहरों को अबैध रूपसे पटाई कर घर बना लिया गया है या उसका पटाई कर अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया है मझौली सागर, मर्थी सागर, सिसवा सागर सहित सभी सागरों से कम से कम चार से लेकर पांच नहरे निकली है जिसकी पानी सीधे नौगढ़ ढाबे में पानी हेड से टेल तक पहुचता था आज सागरों की पानी छोड़ दिया जाय तो पांच किलोमीटर से आगे नही जाएगा।
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सागर क्षेत्र हो या नहर, जहां भी अवैध कब्जा हुआ होगा, उसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। नहरों में अवैध कब्जा से सिंचाई प्रभावित नहीं होगी।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी