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Siddharthnagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते योग्य मामलों के निस्तारण पर जोर
Thu, 27 Aug 2026 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Aug 2026 01:34 AM IST
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सिद्धार्थनगर। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में न्यायिक अधिकारियों की प्री-ट्रायल बैठक हुई। जिला और सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिक से अधिक समझौता योग्य मामलों के निस्तारण की रणनीति बनाई गई।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत में उन्हीं वादों को शामिल किया जाए, जिनमें समझौते की प्रबल संभावना हो। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित और विचारणीय मामलों की सूची तैयार करने और उनमें से ऐसे प्रकरणों का चयन करने के निर्देश दिए, जिनका लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण कराया जा सके।
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बैठक में चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट), बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामले और अन्य सिविल प्रकृति के प्रकरणों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों को चिह्नित कर पक्षकारों के बीच समझौते के प्रयास करने को कहा गया।
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पैरालीगल वालंटियर करेंगे व्यापक प्रचार-प्रसार
- राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जनपद न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र नाथ को निर्देश दिया कि पैरालीगल वालंटियर के माध्यम से लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिला मुख्यालय के साथ विभिन्न तहसीलों में उन स्थानों पर विशेष रूप से जानकारी पहुंचाई जाए, जहां बड़ी संख्या में आम लोग पहुंचते हैं। इसके लिए न्यायालय, कलक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, हाट-बाजार, तहसील मुख्यालय और बैंक आदि स्थानों पर लोक अदालत और उसमें निस्तारित किए जा सकने वाले मामलों की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत के लाभ से अवगत कराते हुए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। बैठक के अंत में न्यायिक अधिकारियों ने अपने विचार रखे और राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में अपर जनपद और सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी, अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/नोडल अधिकारी बीरेंद्र कुमार, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कनिष्क कुमार सिंह, मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।