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Siddharthnagar News: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय है आपातकाल
Wed, 26 Jun 2024 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 26 Jun 2024 02:44 AM IST
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25 जून, 1975 को देश में आपातकाल लगाए जाने की बरसी को मंगलवार को भाजपा ने काला दिवस मनाया। जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान की अगुवाई में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सनई चौराहे से पार्टी के जिला कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल एक काला अध्याय है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए आपातकाल लगाया था। आपातकाल का विरोध करने वाले विपक्ष को कुचलने के लिए जिस तरह से सरकारी मशीनरी का उपयोग किया गया, वह बाबा साहेब के संविधान का भी अपमान था। सत्ता और अपने हित के लिए कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोटा। संविधान में संशोधन कर कांग्रेस ने प्रेस की स्वतंत्रता छीनने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और संविधान दोनों सुरक्षित हैं।
विधायक राजा जय प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इस काले इतिहास को याद रखना तो नहीं चाहिए, लेकिन इतिहास ही वह माध्यम है, जिससे प्रेरणा लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने कहा कि 25 जून, 1975 की आधी रात को लागू किया गया आपातकाल 21 मार्च, 1977 तक लागू रहा। इस अवधि के दौरान सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। कांग्रेस को अपने पूर्व के इतिहास को याद करने की जरूरत है।
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इस दौरान जिला प्रभारी हरि चरण कुशवाहा, बृजबिहारी मिश्रा, लालजी त्रिपाठी, विपिन सिंह, विजयकांत चतुर्वेदी, दीपक मौर्य, तेजू विश्वकर्मा, फतेबहादूर सिंह, अजय उपाध्याय मौजूद रहे।
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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल एक काला अध्याय है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए आपातकाल लगाया था। आपातकाल का विरोध करने वाले विपक्ष को कुचलने के लिए जिस तरह से सरकारी मशीनरी का उपयोग किया गया, वह बाबा साहेब के संविधान का भी अपमान था। सत्ता और अपने हित के लिए कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोटा। संविधान में संशोधन कर कांग्रेस ने प्रेस की स्वतंत्रता छीनने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और संविधान दोनों सुरक्षित हैं।
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विधायक राजा जय प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इस काले इतिहास को याद रखना तो नहीं चाहिए, लेकिन इतिहास ही वह माध्यम है, जिससे प्रेरणा लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने कहा कि 25 जून, 1975 की आधी रात को लागू किया गया आपातकाल 21 मार्च, 1977 तक लागू रहा। इस अवधि के दौरान सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। कांग्रेस को अपने पूर्व के इतिहास को याद करने की जरूरत है।
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इस दौरान जिला प्रभारी हरि चरण कुशवाहा, बृजबिहारी मिश्रा, लालजी त्रिपाठी, विपिन सिंह, विजयकांत चतुर्वेदी, दीपक मौर्य, तेजू विश्वकर्मा, फतेबहादूर सिंह, अजय उपाध्याय मौजूद रहे।