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बारिश का असर : तीन दिन में प्रभावित हुआ 50 करोड़ का कारोबार
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बाजार की सड़कों व मंडी में भरा पानी, शहर, कस्बे व ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में सन्नाटा
-एक दिन में कम हुआ 20 करोड़ का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तीन दिन हुई बारिश से पूरे जिले में बाजार धड़ाम हो गया। तीन दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार नहीं हुआ, जबकि मंडी में फल व सब्जी की बिक्री नहीं होने से व्यापारियों का ज्यादा नुकसान हो रहा है। शहर व कस्बों में शुक्रवार को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इसकी वजह यह भी रही कि प्रमुख बाजारों की सड़कों पर पानी चढ़ गया है, जबकि कई स्थानों पर दुकानों में भी पानी भर गया।
व्यापारियों के अनुसार पितृपक्ष में व्यापार घाटे में जा रहा था, जबकि बारिश ने और ज्यादा नुकसान कर दिया। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश हुई, दो दिन हुई बारिश ने कारोबार को बेपटरी कर दिया। व्यापारियों के अनुमान के अनुसार सामान्य दिनों में एक दिन में करीब 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन बारिश में दुकानों में इक्का-दुक्का ग्राहक ही पहुंचे। बारिश के कारण कारोबार पांच प्रतिशत से भी नीचे आ गया, क्योंकि कुछ दुकानों में एक भी ग्राहक नहीं पहुंचे।
किराना, कपड़ा, ज्वेलरी, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, फल सब्जी सहित अन्य घरेलू उपयोग के सामानों की बिक्री बहुत कम हो गई। बीमार लोग भी ज्यादा तकलीफ होने पर भी दवा लेने नहीं निकले। दवा व्यवसायी जनार्दन मिश्र ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा 15 प्रतिशत भी दवाइयों की बिक्री नहीं हुई।
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जिले में सामान्य दिनों में 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश शुरू हुई थी, तो कुछ कारोबार हो गया, लेकिन इधर दो दिनों में व्यापार शून्य हो गया। तीन दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार प्रभावित हुआ।
-सिद्धार्थ अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
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व्यापारियों की बात
जिले में हर दिन करीब 2 करोड़ का कारोबार होता है, लेकिन बारिश में बहुत सी दुकानों में कुछ भी बिक्री नहीं हुई। दुकानें खुलीं, लेकिन सन्नाटा छाया।
-संजय अग्रहरि, स्वर्ण व्यवसायी
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जिले में हर दिन लगभग तीन कराेड़ रुपये कपड़े का कारोबार होता है। मौसम खराब हुआ, तो लोग घरों से बाहर नहीं निकले और बिक्री लगभग शून्य हो गई।
-पिंटू जायसवाल, कपड़ा व्यापारी
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यदि एक दिन बाद भी बारिश बंद नहीं हुई तो व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। सेब व केला दुकानों व ट्रकों में सड़ रहे हैं। ट्रकों को खाली करके फल व आलू, प्याज को गोदाम में रखा गया, लेकिन बिक्री कम हो रही है।
-शिवानंद श्रीवास्तव, फल व्यापारी, मंडी
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ट्रकों में सड़ रहे फल और सब्जियां, हर दिन तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित
-दो दिनों से हो रही बारिश के चलते व्यापारियों के साथ किसानों का भारी नुकसान हो रहा
-मंडी में दो दिनों से कई गाड़ियों के तिरपाल तक नहीं खुले, व्यापारी मौसम तो ट्रकों में ही सड़ जाएगा, फल व सब्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ शाहपुर। लगातार बारिश से मंडी में ट्रकों से आए फल व सब्जियों को सड़ने की नौबत आ गई है। व्यापारियों की चिंता है कि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो बड़ा नुकसान हो जाएगा। मंडी में बाहर से सब्जियों के ट्रक नहीं आ रहे हैं। स्थानीय सब्जियां ही पहुंची हैं। यही कारण है कि आलू-प्याज की बिक्री बढ़ गई है।
जिले की दोनों मंडी में हर दिन 10-15 ट्रक से अधिक सब्जी व फल की बिक्री होती है, लेकिन पितृ पक्ष में बिक्री कम हो गई। बारिश ने इसे और कम कर दिया। हर दिन 10 ट्रक माल बिक जाता था, जबकि बारिश में दो ट्रक भी माल नहीं बिका। व्यापारियों का अनुमान है कि जिले में हर दिन तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
झमाझम बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर खुशी है। नौगढ़ एवं डुमरियागंज स्थित शाहपुर की नवीन मंडी के कारोबारियों में मायूसी छाई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर ऐसे ही दो दिन और मौसम रहा तो मंडी में फलों व सब्जियां से भरे ट्रक से बिक्री नहीं होगी। नवीन मंडी स्थल शाहपुर में थोक व्यापारियों का हाल बारिश ने बेहाल कर दिया है।
थोक फल विक्रेता सलमान अहमद ने कहा कि दो दिनों से हो रही बारिश के चलते बिक्री शून्य हो गई है। शनिवार को मात्र पांच पेटी सेब बिका, जबकि आम दिनों में 900 से 1000 पेटी बिक जाता था। मंडी परिसर में अन्य व्यापारियों का कई ट्रक माल ऐसे ही भरा खड़ा है।
फल विक्रेता रमजान अली ने कहा कि सेब से भरा एक ट्रक माल दो दिनों से खड़ा है, जिसमें करीब 10 लाख का सेब है। बारिश के चलते एक पेटी सेब नहीं बिका, जबकि बारिश के पहले हर रोज चार से पांच लाख का व्यापार हो जाता था, लेकिन शनिवार को बहुत बिक्री हुई।
थोक आलू विक्रेता अब्दुल हमीद ने कहा कि आलू से भरा ट्रक खड़ा है। एक बोरी भी नहीं बिक्री हुई है। ट्रक में करीब 20 टन आलू है। अगर दो दिन ऐसा ही रहा तो पूरा ट्रक आलू का सड़ जाएगा, जिसमें करीब चार लाख के नुकसान की आशंका है।
कमीशन एजेंट विनोद यादव ने कहा कि बारिश के पहले करीब दो से तीन लाख का व्यापार एक दिन में होता था, लेकिन जब से बारिश हो रही है, तब से किसानों का सब्जी मंडी आना बंद हो गया, जिससे व्यापार पर प्रभाव पड़ा है। जो माल बचा है, वही बेचने में लगे हैं।
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-एक दिन में कम हुआ 20 करोड़ का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तीन दिन हुई बारिश से पूरे जिले में बाजार धड़ाम हो गया। तीन दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार नहीं हुआ, जबकि मंडी में फल व सब्जी की बिक्री नहीं होने से व्यापारियों का ज्यादा नुकसान हो रहा है। शहर व कस्बों में शुक्रवार को बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इसकी वजह यह भी रही कि प्रमुख बाजारों की सड़कों पर पानी चढ़ गया है, जबकि कई स्थानों पर दुकानों में भी पानी भर गया।
व्यापारियों के अनुसार पितृपक्ष में व्यापार घाटे में जा रहा था, जबकि बारिश ने और ज्यादा नुकसान कर दिया। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश हुई, दो दिन हुई बारिश ने कारोबार को बेपटरी कर दिया। व्यापारियों के अनुमान के अनुसार सामान्य दिनों में एक दिन में करीब 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन बारिश में दुकानों में इक्का-दुक्का ग्राहक ही पहुंचे। बारिश के कारण कारोबार पांच प्रतिशत से भी नीचे आ गया, क्योंकि कुछ दुकानों में एक भी ग्राहक नहीं पहुंचे।
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किराना, कपड़ा, ज्वेलरी, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, फल सब्जी सहित अन्य घरेलू उपयोग के सामानों की बिक्री बहुत कम हो गई। बीमार लोग भी ज्यादा तकलीफ होने पर भी दवा लेने नहीं निकले। दवा व्यवसायी जनार्दन मिश्र ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा 15 प्रतिशत भी दवाइयों की बिक्री नहीं हुई।
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जिले में सामान्य दिनों में 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश शुरू हुई थी, तो कुछ कारोबार हो गया, लेकिन इधर दो दिनों में व्यापार शून्य हो गया। तीन दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार प्रभावित हुआ।
-सिद्धार्थ अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
व्यापारियों की बात
जिले में हर दिन करीब 2 करोड़ का कारोबार होता है, लेकिन बारिश में बहुत सी दुकानों में कुछ भी बिक्री नहीं हुई। दुकानें खुलीं, लेकिन सन्नाटा छाया।
-संजय अग्रहरि, स्वर्ण व्यवसायी
जिले में हर दिन लगभग तीन कराेड़ रुपये कपड़े का कारोबार होता है। मौसम खराब हुआ, तो लोग घरों से बाहर नहीं निकले और बिक्री लगभग शून्य हो गई।
-पिंटू जायसवाल, कपड़ा व्यापारी
यदि एक दिन बाद भी बारिश बंद नहीं हुई तो व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। सेब व केला दुकानों व ट्रकों में सड़ रहे हैं। ट्रकों को खाली करके फल व आलू, प्याज को गोदाम में रखा गया, लेकिन बिक्री कम हो रही है।
-शिवानंद श्रीवास्तव, फल व्यापारी, मंडी
ट्रकों में सड़ रहे फल और सब्जियां, हर दिन तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित
-दो दिनों से हो रही बारिश के चलते व्यापारियों के साथ किसानों का भारी नुकसान हो रहा
-मंडी में दो दिनों से कई गाड़ियों के तिरपाल तक नहीं खुले, व्यापारी मौसम तो ट्रकों में ही सड़ जाएगा, फल व सब्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ शाहपुर। लगातार बारिश से मंडी में ट्रकों से आए फल व सब्जियों को सड़ने की नौबत आ गई है। व्यापारियों की चिंता है कि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो बड़ा नुकसान हो जाएगा। मंडी में बाहर से सब्जियों के ट्रक नहीं आ रहे हैं। स्थानीय सब्जियां ही पहुंची हैं। यही कारण है कि आलू-प्याज की बिक्री बढ़ गई है।
जिले की दोनों मंडी में हर दिन 10-15 ट्रक से अधिक सब्जी व फल की बिक्री होती है, लेकिन पितृ पक्ष में बिक्री कम हो गई। बारिश ने इसे और कम कर दिया। हर दिन 10 ट्रक माल बिक जाता था, जबकि बारिश में दो ट्रक भी माल नहीं बिका। व्यापारियों का अनुमान है कि जिले में हर दिन तीन करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
झमाझम बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर खुशी है। नौगढ़ एवं डुमरियागंज स्थित शाहपुर की नवीन मंडी के कारोबारियों में मायूसी छाई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर ऐसे ही दो दिन और मौसम रहा तो मंडी में फलों व सब्जियां से भरे ट्रक से बिक्री नहीं होगी। नवीन मंडी स्थल शाहपुर में थोक व्यापारियों का हाल बारिश ने बेहाल कर दिया है।
थोक फल विक्रेता सलमान अहमद ने कहा कि दो दिनों से हो रही बारिश के चलते बिक्री शून्य हो गई है। शनिवार को मात्र पांच पेटी सेब बिका, जबकि आम दिनों में 900 से 1000 पेटी बिक जाता था। मंडी परिसर में अन्य व्यापारियों का कई ट्रक माल ऐसे ही भरा खड़ा है।
फल विक्रेता रमजान अली ने कहा कि सेब से भरा एक ट्रक माल दो दिनों से खड़ा है, जिसमें करीब 10 लाख का सेब है। बारिश के चलते एक पेटी सेब नहीं बिका, जबकि बारिश के पहले हर रोज चार से पांच लाख का व्यापार हो जाता था, लेकिन शनिवार को बहुत बिक्री हुई।
थोक आलू विक्रेता अब्दुल हमीद ने कहा कि आलू से भरा ट्रक खड़ा है। एक बोरी भी नहीं बिक्री हुई है। ट्रक में करीब 20 टन आलू है। अगर दो दिन ऐसा ही रहा तो पूरा ट्रक आलू का सड़ जाएगा, जिसमें करीब चार लाख के नुकसान की आशंका है।
कमीशन एजेंट विनोद यादव ने कहा कि बारिश के पहले करीब दो से तीन लाख का व्यापार एक दिन में होता था, लेकिन जब से बारिश हो रही है, तब से किसानों का सब्जी मंडी आना बंद हो गया, जिससे व्यापार पर प्रभाव पड़ा है। जो माल बचा है, वही बेचने में लगे हैं।