{"_id":"65469e783e919d15180a4812","slug":"earthquake-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-7752-2023-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: आधी रात को कांपी धरती, बाहर की ओर दौड़ पड़े लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: आधी रात को कांपी धरती, बाहर की ओर दौड़ पड़े लोग
Sun, 05 Nov 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Nov 2023 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो--
- शुक्रवार रात भूकंप के झटके लगने के कारण रतजगा करने लोग
-डुमरियागंज में फट गई दीवार तो कपिलवस्तु में गिरा जर्जर भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शुक्रवार रात 11:36 बजे कुछ लोग नींद में थे तो कुछ लोग सोने की तैयारी में। उसी दौरान धरती कांपी। भूकंप के झटके लगते ही लोग घरों से दौड़कर बाहर निकल आए। सबसे पहले लोगों ने अपने परिवार को घर से बाहर निकाला। फिर भूकंप न आए, इसकी दुआ करने लगे। डर ऐसा समाया कि लोग रतजगा करने लगे। सुबह हुई तो हर जुबान पर भूंकप की चर्चा थी।
भारत-नेपाल के तराई क्षेत्र सिद्धार्थनगर में भूकंप आया तो लोग घरों से बाहर निकल गए। कोई चारपाई से गिर गया तो कुछ लोग झटके से दहशत में आ गए। शुरुआती दौर में जिन लोगों को भूकंप की आहट नहीं मिली, उन्हें बाहर आने पर शोर से पता चला कि भूकंप आया है। हालांकि, गनीमत रही कि जिले में कोई जनहानि नहीं हुई।
सबसे पहले लोगों ने खुद को सुरक्षित किया और उसके बाद मोबाइल फोन पर अपने शुभचिंतकों से बातें करने लगे। लोगाें की कुशल क्षेम जानने की कोशिश शुरू हुई तो आधी रात के बाद भी फोन की घंटी घनघनाने का दौर जारी रहा।
विज्ञापन
शहर के सरोजिनीनगर, सिविल लाइंस, पुरानी नौगढ़, भीमापार और साड़ी तिराहे के पास लोग सड़कों पर टहलते नजर आए। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मरीजों के बेड हिलने लगे तो कारण जानने के लिए परिजन बाहर निकलने लगे। उसका की कुसुम ने सिर पर हाथ रखा और कहा कि हे भगवान कुछ अहित न हो। उनका मरीज अंदर भर्ती था। इसी प्रकार इमरजेंसी के सामने भी लोग देर रात तक भूकंप पर ही चर्चा करते रहे।
इनकी बिगड़ी तबीयत
शहर के इरफान ने बताया कि भूकंप आया तो लोग घरों से बाहर निकल आए। शोर हुआ तो मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया। परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल ले गए तो उनका इलाज हुआ। हालांकि, गनीमत रही कि कुछ देर बाद ही घर आ गए। शहर के समीप करौंदा नानकार के वीरेंद्र ने बताया कि भूकंप के बाद उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। इस कारण रात चार बजे अस्पताल जाना पड़ा।
तेजी से बाहर निकली और गिर गई बाली
झटके लगे तो मुझे अहसास हो गया कि भूकंप ही है। मैं तेजी से घर से बाहर निकली तो झटके में हाथ लगा और कान की बाली कहीं गिर गई। पहले तो परिवार के लोग घर से बाहर निकले और कुछ देर बाद ढूंढा गया तो बाली नहीं मिली।
-प्रीति, सरोजिनीनगर
जब भूकंप आया तो मैं मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। उधर से बात कर रहे व्यक्ति ने कहा कि रुको, कोई मेरा दरवाजा पीट रहा है। पत्नी भी डरकर जाग गईं। जब मैंने बाहर देखा तो लोग घर से बाहर आ गए थे।
-विनय, खजुरिया
बाहर रहें और घबराएं नहीं
इमारतों से दूर रहने की कोशिश करें और खुले क्षेत्र में जाएं।
अगर आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे शॉपिंग मॉल, स्कूल या अस्पताल में हैं तो किसी मजबूत वस्तु से खुद को ढक लें।
अपने वाहन को किसी ऐसे स्थान पर ले जाएं, जहां सड़क अवरुद्ध न हो और गाड़ी चलाना बंद कर दें।
प्लेट विवर्तनिक हलचलों के कारण आ रहे हैं बार-बार भूकंप के झटके
फोटो--
सिद्धार्थनगर। कई महीनों से उत्तर भारत एवं नेपाल के इलाकों में बार-बार भूकंप के झटके आ रहे हैं। ये झटके लगभग पांच रिक्टर स्केल वाले हैं। ऐसी घटना प्लेट विवर्तनिक हलचलों के कारण हो रही है। स्थलीय दृढ़ भूखंड को प्लेट कहते हैं। संपूर्ण पृथ्वी पर 6 मुख्य प्लेट एवं 20 लघु प्लेट का निर्धारण किया गया है। मुख्य प्लेट के अंतर्गत यूरेशियन प्लेट, इंडियन प्लेट, आंकी प्लेट, अमेरिकन प्लेट, पैसिफिक प्लेट एवं अंटार्कटिक प्लेट हैं। इन प्लेटों की आपस में दो स्थितियां विवर्तनिक हलचलों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। रचनात्मक प्लेट किनारा और विनाशी प्लेट किनारा है। रचनात्मक प्लेट किनारा दो प्लेट्स के विपरीत दिशा में जाने तथा विनाशी प्लेट किनारा दो प्लेट्स के एक-दूसरे की ओर अभिसरित होने से सक्रिय होती हैं। हिमालय की उत्पत्ति यूरेशियन प्लेट तथा इंडियन प्लेट के आमने-सामने अभिसरित होने से हुई है। इंडियन प्लेट भारी होने के कारण, यूरेशियन प्लेट के नीचे निरंतर क्षेपित होती जा रही है। इस प्रक्रिया में प्रायः भूकंप आते रहते हैं। अपना यह क्षेत्र हिमालय की तलहटी में होने के कारण भूकंप की संवेदनशीलता के लिहाज से उच्च क्षति जोखिम वाला है।
-डॉ. सत्यम मिश्रा, भूगोल विशेषज्ञ
विज्ञापन
- शुक्रवार रात भूकंप के झटके लगने के कारण रतजगा करने लोग
-डुमरियागंज में फट गई दीवार तो कपिलवस्तु में गिरा जर्जर भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शुक्रवार रात 11:36 बजे कुछ लोग नींद में थे तो कुछ लोग सोने की तैयारी में। उसी दौरान धरती कांपी। भूकंप के झटके लगते ही लोग घरों से दौड़कर बाहर निकल आए। सबसे पहले लोगों ने अपने परिवार को घर से बाहर निकाला। फिर भूकंप न आए, इसकी दुआ करने लगे। डर ऐसा समाया कि लोग रतजगा करने लगे। सुबह हुई तो हर जुबान पर भूंकप की चर्चा थी।
भारत-नेपाल के तराई क्षेत्र सिद्धार्थनगर में भूकंप आया तो लोग घरों से बाहर निकल गए। कोई चारपाई से गिर गया तो कुछ लोग झटके से दहशत में आ गए। शुरुआती दौर में जिन लोगों को भूकंप की आहट नहीं मिली, उन्हें बाहर आने पर शोर से पता चला कि भूकंप आया है। हालांकि, गनीमत रही कि जिले में कोई जनहानि नहीं हुई।
विज्ञापन
सबसे पहले लोगों ने खुद को सुरक्षित किया और उसके बाद मोबाइल फोन पर अपने शुभचिंतकों से बातें करने लगे। लोगाें की कुशल क्षेम जानने की कोशिश शुरू हुई तो आधी रात के बाद भी फोन की घंटी घनघनाने का दौर जारी रहा।
विज्ञापन
शहर के सरोजिनीनगर, सिविल लाइंस, पुरानी नौगढ़, भीमापार और साड़ी तिराहे के पास लोग सड़कों पर टहलते नजर आए। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मरीजों के बेड हिलने लगे तो कारण जानने के लिए परिजन बाहर निकलने लगे। उसका की कुसुम ने सिर पर हाथ रखा और कहा कि हे भगवान कुछ अहित न हो। उनका मरीज अंदर भर्ती था। इसी प्रकार इमरजेंसी के सामने भी लोग देर रात तक भूकंप पर ही चर्चा करते रहे।
इनकी बिगड़ी तबीयत
शहर के इरफान ने बताया कि भूकंप आया तो लोग घरों से बाहर निकल आए। शोर हुआ तो मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ गया। परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल ले गए तो उनका इलाज हुआ। हालांकि, गनीमत रही कि कुछ देर बाद ही घर आ गए। शहर के समीप करौंदा नानकार के वीरेंद्र ने बताया कि भूकंप के बाद उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। इस कारण रात चार बजे अस्पताल जाना पड़ा।
तेजी से बाहर निकली और गिर गई बाली
झटके लगे तो मुझे अहसास हो गया कि भूकंप ही है। मैं तेजी से घर से बाहर निकली तो झटके में हाथ लगा और कान की बाली कहीं गिर गई। पहले तो परिवार के लोग घर से बाहर निकले और कुछ देर बाद ढूंढा गया तो बाली नहीं मिली।
-प्रीति, सरोजिनीनगर
जब भूकंप आया तो मैं मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। उधर से बात कर रहे व्यक्ति ने कहा कि रुको, कोई मेरा दरवाजा पीट रहा है। पत्नी भी डरकर जाग गईं। जब मैंने बाहर देखा तो लोग घर से बाहर आ गए थे।
-विनय, खजुरिया
बाहर रहें और घबराएं नहीं
इमारतों से दूर रहने की कोशिश करें और खुले क्षेत्र में जाएं।
अगर आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे शॉपिंग मॉल, स्कूल या अस्पताल में हैं तो किसी मजबूत वस्तु से खुद को ढक लें।
अपने वाहन को किसी ऐसे स्थान पर ले जाएं, जहां सड़क अवरुद्ध न हो और गाड़ी चलाना बंद कर दें।
प्लेट विवर्तनिक हलचलों के कारण आ रहे हैं बार-बार भूकंप के झटके
फोटो
सिद्धार्थनगर। कई महीनों से उत्तर भारत एवं नेपाल के इलाकों में बार-बार भूकंप के झटके आ रहे हैं। ये झटके लगभग पांच रिक्टर स्केल वाले हैं। ऐसी घटना प्लेट विवर्तनिक हलचलों के कारण हो रही है। स्थलीय दृढ़ भूखंड को प्लेट कहते हैं। संपूर्ण पृथ्वी पर 6 मुख्य प्लेट एवं 20 लघु प्लेट का निर्धारण किया गया है। मुख्य प्लेट के अंतर्गत यूरेशियन प्लेट, इंडियन प्लेट, आंकी प्लेट, अमेरिकन प्लेट, पैसिफिक प्लेट एवं अंटार्कटिक प्लेट हैं। इन प्लेटों की आपस में दो स्थितियां विवर्तनिक हलचलों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। रचनात्मक प्लेट किनारा और विनाशी प्लेट किनारा है। रचनात्मक प्लेट किनारा दो प्लेट्स के विपरीत दिशा में जाने तथा विनाशी प्लेट किनारा दो प्लेट्स के एक-दूसरे की ओर अभिसरित होने से सक्रिय होती हैं। हिमालय की उत्पत्ति यूरेशियन प्लेट तथा इंडियन प्लेट के आमने-सामने अभिसरित होने से हुई है। इंडियन प्लेट भारी होने के कारण, यूरेशियन प्लेट के नीचे निरंतर क्षेपित होती जा रही है। इस प्रक्रिया में प्रायः भूकंप आते रहते हैं। अपना यह क्षेत्र हिमालय की तलहटी में होने के कारण भूकंप की संवेदनशीलता के लिहाज से उच्च क्षति जोखिम वाला है।
-डॉ. सत्यम मिश्रा, भूगोल विशेषज्ञ