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Siddharthnagar News: ठंड में कान में बढ़ा फंगस, कम हो रही सुनने की क्षमता
Mon, 12 Feb 2024 02:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 12 Feb 2024 02:41 AM IST
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- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कान में झंझनाहट भारीपन और दर्द की शिकायत के पहुंच रहे मरीज
- बोले चिकित्सक कम इम्युनिटी और हमेशा जुकाम से पीडि़त लोगों को हो रही परेशानी
- बिना चिकित्सक की सलाह के न डाले कान में ड्रॉप परदे पर पड़ सकता है असर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कान में भारीपन है और कम सुनाई दे रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। दो माह से पड़ी ठंड के कारण यह समस्या हो रही है। अगर इस पेरशान से जूझ रहे हैं तो बिना चिकित्सक की सलाह के ड्रॉप न डालें। क्योंकि इससे कान के परदे पर असर पड़ सकता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की रोगियों की संख्या बढ़ी है। कई रोगी ऐसे पहुंच रहे हैं जो बिना चिकित्सक के सलाह के ड्रॉप का प्रयोग किए और कान में संक्रमण की शिकायती बढ़ गई है।
ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियों होती है। इसमें सर्दी, जुकाम से हमेशा परेशान रहने वालों को कान में भी दिक्कत हो रही है। सर्दी के कारण कान में भारीपन, झंझनाहट, दर्द और सुनने में परेशान हो रही है। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास इस प्रकार के रोगी प्रतिदिन १०-१२ की संख्या में पहुंच रहे हैं। कई लोग तो ठंड शुरू होने के बाद से ही इस समस्या से परेशान होने की बात कर रही है। जोगिया क्षेत्र के कटहा निवाही रामचरित्र शनिवार को चिकित्सक के पास पहुंचा और बताया कि कान में भारीपन बना हुआ है और कई ड्राप डाला, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। अब दर्द भी होने लगा। चिकित्स ने दूरबीन से जांच किया तो पता चला के परदे में जख्म हो गया है। जो ड्रॉप के कारण होना बताया गया।कान में दर्द और भारीपन की शिकायत के कई मरीज थे। चिकित्सक ने दवा देने के साथ ही कुछ घरेलू उपचार की सलाह दी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में जांच की सुविधा है। मरीजों को ड्राप भी दिया जा रहा है।
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बोले विशेष
ठंड में जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, उन्हें कई प्रकार की दिक्कत होती है। अब मौसम में बदलाव के बाद एकाएक सर्दी, जुकाम लोगों को होने लगा है। इससे कान में भारीपन, दर्द और कम सुनाई देने की शिकायत है। जिनको बार-बार सर्दी की शिकायत होती है, वे लोग मौसम अच्छा होने तक गरम कपड़े पहनते रहे। नाक जाम होने पर नेजल ड्रॉप डालें और पानी गर्म करके भाप लेते रहे हैं। घरेलू उपचार से बहुत लाभ होता है। कान, नाक का संबंध एक होने के कारण ठंड में ऐसे परेशानी होती है। अधिक दिक्कत होने पर चिकित्सक की सलाह से ही ड्रॉप लें। बिना परामर्श के ड्रॉप के प्रयोग से काम का परदा खराब हो सकता है।
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-डॉ. संजय शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
- बोले चिकित्सक कम इम्युनिटी और हमेशा जुकाम से पीडि़त लोगों को हो रही परेशानी
- बिना चिकित्सक की सलाह के न डाले कान में ड्रॉप परदे पर पड़ सकता है असर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कान में भारीपन है और कम सुनाई दे रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। दो माह से पड़ी ठंड के कारण यह समस्या हो रही है। अगर इस पेरशान से जूझ रहे हैं तो बिना चिकित्सक की सलाह के ड्रॉप न डालें। क्योंकि इससे कान के परदे पर असर पड़ सकता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की रोगियों की संख्या बढ़ी है। कई रोगी ऐसे पहुंच रहे हैं जो बिना चिकित्सक के सलाह के ड्रॉप का प्रयोग किए और कान में संक्रमण की शिकायती बढ़ गई है।
ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियों होती है। इसमें सर्दी, जुकाम से हमेशा परेशान रहने वालों को कान में भी दिक्कत हो रही है। सर्दी के कारण कान में भारीपन, झंझनाहट, दर्द और सुनने में परेशान हो रही है। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास इस प्रकार के रोगी प्रतिदिन १०-१२ की संख्या में पहुंच रहे हैं। कई लोग तो ठंड शुरू होने के बाद से ही इस समस्या से परेशान होने की बात कर रही है। जोगिया क्षेत्र के कटहा निवाही रामचरित्र शनिवार को चिकित्सक के पास पहुंचा और बताया कि कान में भारीपन बना हुआ है और कई ड्राप डाला, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। अब दर्द भी होने लगा। चिकित्स ने दूरबीन से जांच किया तो पता चला के परदे में जख्म हो गया है। जो ड्रॉप के कारण होना बताया गया।कान में दर्द और भारीपन की शिकायत के कई मरीज थे। चिकित्सक ने दवा देने के साथ ही कुछ घरेलू उपचार की सलाह दी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में जांच की सुविधा है। मरीजों को ड्राप भी दिया जा रहा है।
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बोले विशेष
ठंड में जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, उन्हें कई प्रकार की दिक्कत होती है। अब मौसम में बदलाव के बाद एकाएक सर्दी, जुकाम लोगों को होने लगा है। इससे कान में भारीपन, दर्द और कम सुनाई देने की शिकायत है। जिनको बार-बार सर्दी की शिकायत होती है, वे लोग मौसम अच्छा होने तक गरम कपड़े पहनते रहे। नाक जाम होने पर नेजल ड्रॉप डालें और पानी गर्म करके भाप लेते रहे हैं। घरेलू उपचार से बहुत लाभ होता है। कान, नाक का संबंध एक होने के कारण ठंड में ऐसे परेशानी होती है। अधिक दिक्कत होने पर चिकित्सक की सलाह से ही ड्रॉप लें। बिना परामर्श के ड्रॉप के प्रयोग से काम का परदा खराब हो सकता है।
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-डॉ. संजय शर्मा, नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज