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सूखी नहरों ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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सूखी नहरों ने बढ़ाई किसानों की चिंता
चिल्हिया माइनर से 30 से अधिक गांवों के खेतों को मिलता है पानी
न्यूज संवाद एजेंसी
चिल्हिया। रबी की फसल तैयार है, किसान अब सिंचाई के लिए परेशान हो रहे हैं। नहरें सूखी पड़ी हैं और डीजल के दाम बढ़ने से अधिकतर किसान पंपिंग सेट से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इन लोगों को नहर में पानी छोड़े जाने का इंतजार है। दिसंबर का पहला पखवाड़ा बीत चुका है। किसान अब नहर में पानी छोड़ने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। हल्दिया रोग के कारण धान की पैदावार घटने से अब किसानों की उम्मीद गेहूं की फसल पर टिकी है।
चिल्हिया क्षेत्र के किसानों के लिए माइनर ही सिंचाई का एकमात्र साधन है। किसान प्रतिदिन सुबह उठकर माइनर में पानी देखने जाते हैं। मगर माइनर सूखी होने के कारण निराश होते हैं। किसान की इस समस्या पर जिम्मेदार भी उदासीन है। शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा से निकलकर आने वाली चिल्हिया माइनर से होकर बेलवा, केसरा, कनुवाडीह, बभनी, पलपार, बेलगड़ा, हतवा, खुरहुरिया, भावपुर, दुबेडीह, टेडिया तक जाने वाली माइनर सूखी है। इस नहर से क्षेत्र के कई गांवों के किसान हजारों एकड़ फसल बोते हैं। क्षेत्र के किसान विपत, नंदन शुक्ला, महेश यादव, विश्वनाथ सहनी, राजकुमार, मायाराम, अनिल, विजय सिंह, मुरारी आदि किसानों ने नहर में जल्द से जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है। सिंचाई विभाग के जेई अभिजीत सिंह ने इस संबंध में बताया पहले 11 दिसंबर में नहरों में पानी छोड़ा जाता था, तैयारी पूरी है। नियम बदलाव में अब पत्राचार के माध्यम से ऊपर के अधिकारियों के आदेश मिलने के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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चिल्हिया माइनर से 30 से अधिक गांवों के खेतों को मिलता है पानी
न्यूज संवाद एजेंसी
चिल्हिया। रबी की फसल तैयार है, किसान अब सिंचाई के लिए परेशान हो रहे हैं। नहरें सूखी पड़ी हैं और डीजल के दाम बढ़ने से अधिकतर किसान पंपिंग सेट से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इन लोगों को नहर में पानी छोड़े जाने का इंतजार है। दिसंबर का पहला पखवाड़ा बीत चुका है। किसान अब नहर में पानी छोड़ने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। हल्दिया रोग के कारण धान की पैदावार घटने से अब किसानों की उम्मीद गेहूं की फसल पर टिकी है।
चिल्हिया क्षेत्र के किसानों के लिए माइनर ही सिंचाई का एकमात्र साधन है। किसान प्रतिदिन सुबह उठकर माइनर में पानी देखने जाते हैं। मगर माइनर सूखी होने के कारण निराश होते हैं। किसान की इस समस्या पर जिम्मेदार भी उदासीन है। शोहरतगढ़ क्षेत्र के बानगंगा से निकलकर आने वाली चिल्हिया माइनर से होकर बेलवा, केसरा, कनुवाडीह, बभनी, पलपार, बेलगड़ा, हतवा, खुरहुरिया, भावपुर, दुबेडीह, टेडिया तक जाने वाली माइनर सूखी है। इस नहर से क्षेत्र के कई गांवों के किसान हजारों एकड़ फसल बोते हैं। क्षेत्र के किसान विपत, नंदन शुक्ला, महेश यादव, विश्वनाथ सहनी, राजकुमार, मायाराम, अनिल, विजय सिंह, मुरारी आदि किसानों ने नहर में जल्द से जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है। सिंचाई विभाग के जेई अभिजीत सिंह ने इस संबंध में बताया पहले 11 दिसंबर में नहरों में पानी छोड़ा जाता था, तैयारी पूरी है। नियम बदलाव में अब पत्राचार के माध्यम से ऊपर के अधिकारियों के आदेश मिलने के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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