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बिजली के खंभे के सहारे बुजुर्ग को चढ़ाई ड्रिप
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Feb 2017 10:59 PM IST
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सिद्धार्थनगर में खंभे के सहारे बुजुर्ग भगवानदास को चढ़ाई गई ड्रिप।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। मरीज की जान जोखिम में डालते हुए डॉक्टरों ने उसे तब रेफर कर अस्पताल से बाहर कर दिया, जब एंबुलेंस भी नहीं आई थी। शनिवार को अस्पताल के वाहन पार्किंग एरिया में करीब एक घंटे तक मरीज को बिजली के खंभे के सहारे ड्रिप चढ़ाई गई। शिकायत करने वाले परिवार के लोगों को कर्मचारी यह कहकर समझाते रहे कि अब एंबुलेंस यहीं से इलाज के लिए गोरखपुर ले जाएगी। हैरानी इस बात की थी कि चिकित्सा महकमे के जिम्मेदार सूचना देने के बाद भी सक्रियता दिखाने की बजाए पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत का इंतजार करते रहे।
जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए लोगों के पास रुतबा होना जरूरी है। अगर आपके पास यह नहीं है तो कब आपको बाहर लेटा दिया जाए, इसकी गारंटी नहीं है। ऐसा ही कुछ उसका बाजार ब्लॉक के ग्राम मोगलहवा निवासी भगवानदास (60) के साथ हुआ। पांच दिन पूर्व पेट दर्द से पीड़ित भगवानदास को घरवाले जिला अस्पताल ले आए। डॉक्टरों ने उन्हें जनरल वार्ड में भर्ती होने की सलाह दी। उपचार के बाद आराम न मिलने पर शनिवार की सुबह राउंड पर आए चिकित्सक ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जांच कराने के लिए रेफर कर दिया।
डॉक्टर ने स्टाफ को निर्देश दिया कि एंबुलेंस को बुलाने के बाद बेड को खाली कराए। कुछ ही देर बाद कर्मचारी ने मरीज को बाहर लिटाकर ड्रिप चढ़ा दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज व परिवार के लोगों को एंबुलेंस आने तक इंतजार करने की नसीहत भी दे डाली। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है, तो गलत है। जांच कराई जाएगी और दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर ने कहा कि अगर बाहर खुले में मरीज को लिटाकर ड्रिप चढ़ाया गया है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस क्यों नहीं समय पर पहुंची इसकी भी जांच होगी।
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जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए लोगों के पास रुतबा होना जरूरी है। अगर आपके पास यह नहीं है तो कब आपको बाहर लेटा दिया जाए, इसकी गारंटी नहीं है। ऐसा ही कुछ उसका बाजार ब्लॉक के ग्राम मोगलहवा निवासी भगवानदास (60) के साथ हुआ। पांच दिन पूर्व पेट दर्द से पीड़ित भगवानदास को घरवाले जिला अस्पताल ले आए। डॉक्टरों ने उन्हें जनरल वार्ड में भर्ती होने की सलाह दी। उपचार के बाद आराम न मिलने पर शनिवार की सुबह राउंड पर आए चिकित्सक ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जांच कराने के लिए रेफर कर दिया।
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डॉक्टर ने स्टाफ को निर्देश दिया कि एंबुलेंस को बुलाने के बाद बेड को खाली कराए। कुछ ही देर बाद कर्मचारी ने मरीज को बाहर लिटाकर ड्रिप चढ़ा दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज व परिवार के लोगों को एंबुलेंस आने तक इंतजार करने की नसीहत भी दे डाली। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है, तो गलत है। जांच कराई जाएगी और दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर ने कहा कि अगर बाहर खुले में मरीज को लिटाकर ड्रिप चढ़ाया गया है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस क्यों नहीं समय पर पहुंची इसकी भी जांच होगी।
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