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जिला अस्पताल में नहीं है आईसीयू, मरीजाें को किया जा रहा है रेफर

Sun, 27 Feb 2022 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 11:39 PM IST
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District hospital does not have ICU, patients are being referred
जिला अस्पताल में नहीं है आईसीयू, मरीजाें को किया जा रहा है रेफर
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- इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
सिद्धार्थनगर। जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं है। इस कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। रेफर मरीज को दूर के अस्पताल तक पहुंचने में कई बार तबीयत भी बिगड़ जाती है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने के बावजूद भी संयुक्त जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।
जिला अस्पताल बनने के बाद यहां पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। हालत यह है कि अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं है। बच्चों के लिए आईसीयू और पीआईसीयू की सुविधा है, लेकिन बड़ी उम्र के गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू वार्ड नहीं है।
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जिला अस्पताल अब माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हो गया है, लेकिन संसाधनों का अभाव कायम है। आईसीयू के अभाव में इलाज प्रभावित हो रहा है।
नगर निवासी अल्ताफ ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में शामिल होने के बाद भी कई प्रकार की सुविधाएं जिला अस्पताल में नहीं हैं। इसलिए गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। सेवानिवृत्त शिक्षक उमाकांत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज तो हो गया, भवन बन गए। चिकित्सक भी आ रहे हैं, लेकिन जब संसाधन ही नहीं रहेगा तो चिकित्सक इलाज कैसे करेंगे। सबसे बड़ी समस्या आईसीयू की है। हर गंभीर मरीज को रखने के लिए यह जरूरी है, लेकिन यहां पर सुविधा नहीं है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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हर दिन रेफर होते हैं 10 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से 24 घंटे में 10 से अधिक मरीज इसलिए रेफर कर दिए जाते हैं कि आईसीयू की सुविधा नहीं है। अगर गंभीर मरीज को रखते हैं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अगर आईसीयू की व्यवस्था हो जाए तो 10 मरीजों को गोरखपुर जाने से मुक्ति मिल जाएगी और यहीं पर आसानी से इलाज हो सकेगा।
27 लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा
जिले की 27 लाख की आबादी है। जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी के कारण गोरखपुर, लखनऊ और बस्ती मरीजों को लेकर जाना पड़ता है। समय की बर्बादी के साथ रास्ते में तबीयत बिगड़ने का जोखिम बना रहता है। ऐसे में यहां भी संसाधन मुहैया हो तो मरीजों को दूर के अस्पताल में जाने की मजबूरी नहीं होगी।

मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद जिले में सुविधाएं बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में आईसीयू बनाने की कोशिश की जा रही है। आईसीयू के उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य
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