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डिस्प्ले बोर्ड से पता चलेगा, कहां मिलेंगे डॉक्टर
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जिला अस्पताल की ओपीडी में नहीं लगी डॉक्टर के नाम की प्लेट। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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डिस्प्ले बोर्ड से पता चलेगा, कहां मिलेंगे डॉक्टर
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में कहीं भी डॉक्टरों की सूची चस्पा नहीं है। मरीजों को यह नहीं पता चल पाता है कि कौन से विशेषज्ञ डॉक्टर कब और किस ओपीडी में मिलेंगे। इस समस्या से निजात के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का डिस्प्ले बोर्ड बनाने का आदेश जारी किया है। डिस्प्ले बोर्ड से पता चल जाएगा कि विशेषज्ञ डॉक्टर कहां मिलेंगे।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ही मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। विभिन्न विभागों की ओपीडी के सामने विभाग का नाम है, लेकिन यह नहीं लिखा है कि ओपीडी में किस दिन कौन डॉक्टर बैठेंगे। इसी प्रकार ओटी के सामने भी डॉक्टरों की ड्यूटी की सूचना नहीं रहती है। मरीज के पर्चे पर डॉक्टर जांच लिखते हैं। जांच कराकर अगले दिन मरीज रिपोर्ट दिखाने पहुंचता है तो पहले देखने वाले डॉक्टर नहीं मिलते हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 12 से 12 सौ मरीज पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के लिए बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाने का नियम नहीं है। शहरी क्षेत्र के वन विभाग कॉलोनी के अशोक कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है। जब वे किसी मरीज को लेकर जाते हैं तो विशेषज्ञ डॉक्टर को ढूंढने में परेशानी होती है।
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डिस्प्ले बोर्ड का आकार तय
जिला अस्पताल में 10 गुणे चार वर्ग फीट एवं सीएचसी, पीएचसी व एमसीएच विंग में 6 गुणे 4 वर्ग फीट का डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि आदेश के अनुसार जल्द ही सभी अस्पतालों में बोर्ड लगा दिए जाएंगे।
जिला अस्पताल में बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों का नाम शामिल होगा। मरीज बोर्ड देखकर ही जान जाएंगे कि किस दिन कौन डॉक्टर मिलेंगे। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में कहीं भी डॉक्टरों की सूची चस्पा नहीं है। मरीजों को यह नहीं पता चल पाता है कि कौन से विशेषज्ञ डॉक्टर कब और किस ओपीडी में मिलेंगे। इस समस्या से निजात के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का डिस्प्ले बोर्ड बनाने का आदेश जारी किया है। डिस्प्ले बोर्ड से पता चल जाएगा कि विशेषज्ञ डॉक्टर कहां मिलेंगे।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ही मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। विभिन्न विभागों की ओपीडी के सामने विभाग का नाम है, लेकिन यह नहीं लिखा है कि ओपीडी में किस दिन कौन डॉक्टर बैठेंगे। इसी प्रकार ओटी के सामने भी डॉक्टरों की ड्यूटी की सूचना नहीं रहती है। मरीज के पर्चे पर डॉक्टर जांच लिखते हैं। जांच कराकर अगले दिन मरीज रिपोर्ट दिखाने पहुंचता है तो पहले देखने वाले डॉक्टर नहीं मिलते हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 12 से 12 सौ मरीज पहुंचते हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के लिए बॉयोमेट्रिक हाजिरी लगाने का नियम नहीं है। शहरी क्षेत्र के वन विभाग कॉलोनी के अशोक कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है। जब वे किसी मरीज को लेकर जाते हैं तो विशेषज्ञ डॉक्टर को ढूंढने में परेशानी होती है।
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डिस्प्ले बोर्ड का आकार तय
जिला अस्पताल में 10 गुणे चार वर्ग फीट एवं सीएचसी, पीएचसी व एमसीएच विंग में 6 गुणे 4 वर्ग फीट का डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि आदेश के अनुसार जल्द ही सभी अस्पतालों में बोर्ड लगा दिए जाएंगे।
जिला अस्पताल में बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों का नाम शामिल होगा। मरीज बोर्ड देखकर ही जान जाएंगे कि किस दिन कौन डॉक्टर मिलेंगे। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य