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डिप्लोमा इंजीनियर ने धरना दिया
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 04 Feb 2016 11:45 PM IST
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लंबित समस्याओं के समाधान के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट लागू न किए जाने से क्षुब्ध डिप्लोमा इंजीनियरों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए एकजुटता प्रदर्शित की।
आंदोलन के दूसरे चरण में शुक्रवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ डीएम को ज्ञापन सौंपेगा।धरने में संघ के अध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि 15 सितंबर को आयोजित प्रदेश स्तरीय रक्तदान शिविरों में पहुंचे मंत्रियों ने डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।
इसके लिए उच्च स्तरीय जांच समिति भी गठित की थी। प्रमुख सचिव पीडब्लूडी की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति जताते हुए संस्तुति हुई थी। लंबे समय बीतने के बाद भी इस रिपोर्ट की संस्तुतियों को अब तक लागू नहीं किया गया है।
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इसके बारे में 4 जनवरी को ज्ञापन देकर भी मांग की गई थी, बावजूद शासन ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इससे जाहिर होता है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स के हितों की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
मजबूर होकर संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि दो दिवसीय आंदोलन के बाद भी जिम्मेदारों का रुख नहीं बदलता तो 15, 16 व 17 फरवरी को लखनऊ मुख्यालय पर पूरे प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर्स अनशन को मजबूर होंगे।
धरने में सिविल इंजीनियर, विद्युत परिषद, जलनिगम, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, पॉलिटेक्निक, राज्य निर्माण निगम, समाज कल्याण निगम, हथकरघा व वस्त्र उद्योग, आईटीआई के डिप्लोमा इंजीनियरों ने हिस्सा लिया।
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आंदोलन के दूसरे चरण में शुक्रवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ डीएम को ज्ञापन सौंपेगा।धरने में संघ के अध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि 15 सितंबर को आयोजित प्रदेश स्तरीय रक्तदान शिविरों में पहुंचे मंत्रियों ने डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।
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इसके लिए उच्च स्तरीय जांच समिति भी गठित की थी। प्रमुख सचिव पीडब्लूडी की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति जताते हुए संस्तुति हुई थी। लंबे समय बीतने के बाद भी इस रिपोर्ट की संस्तुतियों को अब तक लागू नहीं किया गया है।
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इसके बारे में 4 जनवरी को ज्ञापन देकर भी मांग की गई थी, बावजूद शासन ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इससे जाहिर होता है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स के हितों की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
मजबूर होकर संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि दो दिवसीय आंदोलन के बाद भी जिम्मेदारों का रुख नहीं बदलता तो 15, 16 व 17 फरवरी को लखनऊ मुख्यालय पर पूरे प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर्स अनशन को मजबूर होंगे।
धरने में सिविल इंजीनियर, विद्युत परिषद, जलनिगम, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, पॉलिटेक्निक, राज्य निर्माण निगम, समाज कल्याण निगम, हथकरघा व वस्त्र उद्योग, आईटीआई के डिप्लोमा इंजीनियरों ने हिस्सा लिया।