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Siddharthnagar News: बढ़नी में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग तेज, लोगों ने उठाई आवाज
Thu, 27 Aug 2026 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Aug 2026 11:34 PM IST
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- बढ़नी में डिग्री कॉलेज की मांग तेज, सीमा क्षेत्र के लोगों ने उठाई आवाज
बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा से सटे बढ़नी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरमीडिएट के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को सिद्धार्थनगर, नौगढ़, शोहरतगढ़ और बस्ती जैसे शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
अधिवक्ता धर्मेंद्र पाठक, मुन्नू सिद्दीकी और राहुल त्रिपाठी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में वर्षों से उच्च शिक्षा का सरकारी संस्थान नहीं होने से हजारों छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने शासन और जनप्रतिनिधियों से बढ़नी में राजकीय या अनुदानित डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए शीघ्र पहल करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूर कॉलेज जाने में परिवहन, किराया और आवास का खर्च कई परिवारों के लिए मुश्किल बन जाता है। इसका सबसे अधिक असर बेटियों की उच्च शिक्षा पर पड़ता है क्योंकि अभिभावक दूर भेजने में हिचकिचाते हैं। लोगों का मानना है कि बढ़नी में डिग्री कॉलेज खुलने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा मिलेगी और सीमा क्षेत्र के शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
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बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा से सटे बढ़नी क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरमीडिएट के बाद स्नातक की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को सिद्धार्थनगर, नौगढ़, शोहरतगढ़ और बस्ती जैसे शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
अधिवक्ता धर्मेंद्र पाठक, मुन्नू सिद्दीकी और राहुल त्रिपाठी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में वर्षों से उच्च शिक्षा का सरकारी संस्थान नहीं होने से हजारों छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने शासन और जनप्रतिनिधियों से बढ़नी में राजकीय या अनुदानित डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए शीघ्र पहल करने की मांग की।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि दूर कॉलेज जाने में परिवहन, किराया और आवास का खर्च कई परिवारों के लिए मुश्किल बन जाता है। इसका सबसे अधिक असर बेटियों की उच्च शिक्षा पर पड़ता है क्योंकि अभिभावक दूर भेजने में हिचकिचाते हैं। लोगों का मानना है कि बढ़नी में डिग्री कॉलेज खुलने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा मिलेगी और सीमा क्षेत्र के शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
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