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घटने के साथ नदियों के किनारे तेज हुई कटान
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घट रहा जलस्तर, किनारों पर कटान तेज
राप्ती नदी हुई स्थिर, शेष नदियों का घट रहा जलस्तर
किनारों पर कटान से खेत और मकान पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तीन दिनों की बारिश से जिले की नदियों में आया उफान अब थमने लगा है, कई नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा। जलस्तर घटने के साथ ही बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा आदि नदियों के किनारे कटान तेज हो गई है। जिससे आसपास के मकानों एवं खेत पर मंडरा रहे खतरा को देख ग्रामीण भयग्रस्त हैं।
नेपाल के पहाड़ों में हुई बारिश से जिले की नदियों में उफान आ गया था। कूड़ा और घोघी नदियां लाल निशान पार कर गई थी और बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान को छूने लगा था। बारिश थमने के साथ बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा आदि नदियों का जलस्तर घट रहा है, वहीं राप्ती नदी जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है। नदियों का जलस्तर घटने से किनारों पर कटान तेज हो गई है। बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे स्थित उसका क्षेत्र हथिवड़ताल गांव के तिवारी डीह, जोगिया के फत्तेपुर में कटान से कई घर पर खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण रामफेर, उजागिर का कहना है कि कटान स्थलों पर बचाव का प्रबंध नहीं किए जाने से प्रतिवर्ष उनके गांव के कुछ मकान एवं खेत कटकर नदी में विलीन हो जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से कटान स्थलों पर मरम्मत की मांग की है।
नदी खतरे का स्तर (मीटर में) वर्तमान जलस्तर
बानगंगा 93.420 90.20
जमुआर 84.89 81.60
राप्ती नदी 84.900 83.360
बूढ़ी राप्ती 85.650 84.840
तेलार नाला 87.500 85.90
कूड़ा नदी 83.520 82.50
घोघी नदी 87.000 87.20
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राप्ती नदी हुई स्थिर, शेष नदियों का घट रहा जलस्तर
किनारों पर कटान से खेत और मकान पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तीन दिनों की बारिश से जिले की नदियों में आया उफान अब थमने लगा है, कई नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा। जलस्तर घटने के साथ ही बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा आदि नदियों के किनारे कटान तेज हो गई है। जिससे आसपास के मकानों एवं खेत पर मंडरा रहे खतरा को देख ग्रामीण भयग्रस्त हैं।
नेपाल के पहाड़ों में हुई बारिश से जिले की नदियों में उफान आ गया था। कूड़ा और घोघी नदियां लाल निशान पार कर गई थी और बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान को छूने लगा था। बारिश थमने के साथ बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा आदि नदियों का जलस्तर घट रहा है, वहीं राप्ती नदी जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है। नदियों का जलस्तर घटने से किनारों पर कटान तेज हो गई है। बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे स्थित उसका क्षेत्र हथिवड़ताल गांव के तिवारी डीह, जोगिया के फत्तेपुर में कटान से कई घर पर खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण रामफेर, उजागिर का कहना है कि कटान स्थलों पर बचाव का प्रबंध नहीं किए जाने से प्रतिवर्ष उनके गांव के कुछ मकान एवं खेत कटकर नदी में विलीन हो जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से कटान स्थलों पर मरम्मत की मांग की है।
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नदी खतरे का स्तर (मीटर में) वर्तमान जलस्तर
बानगंगा 93.420 90.20
जमुआर 84.89 81.60
राप्ती नदी 84.900 83.360
बूढ़ी राप्ती 85.650 84.840
तेलार नाला 87.500 85.90
कूड़ा नदी 83.520 82.50
घोघी नदी 87.000 87.20