{"_id":"6274085473878b5211035c89","slug":"death-of-a-young-man-working-in-the-shop-siddharthnagar-news-gkp4358181144","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकान पर काम कर रहे युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकान पर काम कर रहे युवक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुकान पर काम कर रहे युवक की मौत
बिस्कोहर (सिद्धार्थनगर)। फर्निचर का काम करने वाले कारीगर की बृहस्पतिवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। वह बलरामपुर जनपद का रहने वाला था। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
बलरामपुर जनपद के गौरा थाना क्षेत्र के मधपुर गांव निवासी गहनू साहू (30) जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर उत्तर यादव डीह के पास एक दुकान पर बेड आदि बनाते थे। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार सुबह वह घर से दुकान पर आकर बेड बना रहे थे। तभी अचानक मुंह के बल गिर पड़े।
यह देखकर दुकान पर काम कर रहे अन्य कारीगर उनको पास के निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। कारीगरों ने गहनू के घर सूचना दी। उसके बाद परिवार के लोग आए और शव को गांव लेकर गए। घर पर गहनू की पत्नी अपनी चार बच्चियों को लेकर बिलख रही थीं। पिता गिन्नी, भाई कनिक राम समेत अन्य परिजनों की आंख से आंसू नहीं रुक रहे थे। गांव के लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण गहनू की कमाई से ही होता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिस्कोहर (सिद्धार्थनगर)। फर्निचर का काम करने वाले कारीगर की बृहस्पतिवार को संदिग्ध हाल में मौत हो गई। वह बलरामपुर जनपद का रहने वाला था। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
बलरामपुर जनपद के गौरा थाना क्षेत्र के मधपुर गांव निवासी गहनू साहू (30) जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बिस्कोहर उत्तर यादव डीह के पास एक दुकान पर बेड आदि बनाते थे। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार सुबह वह घर से दुकान पर आकर बेड बना रहे थे। तभी अचानक मुंह के बल गिर पड़े।
विज्ञापन
यह देखकर दुकान पर काम कर रहे अन्य कारीगर उनको पास के निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। कारीगरों ने गहनू के घर सूचना दी। उसके बाद परिवार के लोग आए और शव को गांव लेकर गए। घर पर गहनू की पत्नी अपनी चार बच्चियों को लेकर बिलख रही थीं। पिता गिन्नी, भाई कनिक राम समेत अन्य परिजनों की आंख से आंसू नहीं रुक रहे थे। गांव के लोगों का कहना है कि परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण गहनू की कमाई से ही होता था।
विज्ञापन