{"_id":"6a248885c53d49d92404f53e","slug":"danger-second-floor-constructed-on-dilapidated-building-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-159346-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरा : जर्जर भवन पर बना दी दूसरी मंजिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरा : जर्जर भवन पर बना दी दूसरी मंजिल
Sun, 07 Jun 2026 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:22 AM IST
विज्ञापन
लोटन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में करीब 20 वर्ष पहले शुरू किया गया एक अधूरा आवासीय भवन इन दिनों सुरक्षा को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर हो चुके इस भवन पर हाल ही में दूसरी मंजिल का निर्माण कर छत डाल दी गई है। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, लगभग दो दशक पहले आवासीय भवन का निर्माण शुरू कराया गया था। इस दौरान मानकों की अनदेखी सामने आने पर विभाग ने कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद भवन अधूरा ही रह गया। कार्यदायी एजेंसी भी लापता हो गई। वर्षों तक बिना रख-रखाव के पड़े रहने से भवन की दीवारें और ढांचे जर्जर हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने पुराने और क्षतिग्रस्त भवन की तकनीकी जांच कराए बिना उस पर दूसरी मंजिल का निर्माण करा दिया गया है। उनका आरोप है कि कमजोर नींव और जर्जर ढांचे पर अतिरिक्त भार डालना गंभीर लापरवाही है।
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, भवन की तकनीकी गुणवत्ता का परीक्षण कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और कर्मचारी आते हैं।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, लगभग दो दशक पहले आवासीय भवन का निर्माण शुरू कराया गया था। इस दौरान मानकों की अनदेखी सामने आने पर विभाग ने कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद भवन अधूरा ही रह गया। कार्यदायी एजेंसी भी लापता हो गई। वर्षों तक बिना रख-रखाव के पड़े रहने से भवन की दीवारें और ढांचे जर्जर हो गए।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने पुराने और क्षतिग्रस्त भवन की तकनीकी जांच कराए बिना उस पर दूसरी मंजिल का निर्माण करा दिया गया है। उनका आरोप है कि कमजोर नींव और जर्जर ढांचे पर अतिरिक्त भार डालना गंभीर लापरवाही है।
विज्ञापन
क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, भवन की तकनीकी गुणवत्ता का परीक्षण कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और कर्मचारी आते हैं।