फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Crops lagging behind in lack of fertilizer... Farmers disappointed

Siddharthnagar News: खाद के अभाव में पिछड़ रही बुवाई... किसान निराश

Sat, 15 Nov 2025 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
Crops lagging behind in lack of fertilizer... Farmers disappointed
साधन सहकारी समिति बिशुनपुर मुस्तहकम में खाद के लिए पहुंच रहे को किसान। संवादसाधन सहकारी समिति ब
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सकारपार। रबी सीजन की शुरुआत होते ही बुवाई के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन समय से खाद न मिलने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कारण यह है कि खेतों से लगातार नमी उड़ने के कारण खेत सूख रहें हैं, जिससे समय पर बुवाई नहीं हो पा रही है और किसान चिंतित हैं।
किसान आए दिन खाद के लिए साधन सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समय से खाद न मिलने के कारण उन्हें मायूस लौट जाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं, चना, मटर जैसी फसलों की बुवाई का यही उपयुक्त समय है, लेकिन खाद के बिना खेतों में बीज डालना जोखिम भरा साबित हो सकता है। उधर कई किसान लगातार उड़ रही नमी की कमी से खेत सूख जाने की बात भी कह रहे हैं।
विज्ञापन

खेतों में नमी की कमी के साथ ही खाद का न मिल पाना इस बार की बुवाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। क्षेत्र के गिरजापति, श्यामू साहनी, अष्टभुजा, जगदीश प्रसाद, रामदेव आदि किसानों का कहना है कि खाद के लिए साधन सहकारी समिति बिशुनपुर मुस्तहकम का कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद न मिलने के कारण निराश होकर लौट आना पड़ रहा है। समिति पहुंचने पर सचिव द्वारा आज- कल खाद आने की बात कही जाती है, लेकिन एक सप्ताह से ऊपर हो गया, समिति पर डीएपी खाद नहीं पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि यदि जल्द खाद नहीं मिली तो बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। खाद के अभाव में जूझ रहे किसान सरकार से तत्काल साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ताकि रबी की बुवाई समय पर हो सके और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।

निजी दुकानों पर अधिक दाम पर बिक रही खाद: किसानों का कहना है कि प्राइवेट दुकानों पर अधिक दामों पर 1600 से 1700 प्रति बोरी खाद की बिक्री की जा रही है। साथ ही एक बोरी खाद के साथ एक बोरी गेहूं की बीज लेने की शर्त रखीं जा रही हैं, जबकि सरकारी दुकानों पर एक बोरी गेहूं के बीज की कीमत 950 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed