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खेत में टूटा तार, महिला की मौत
siddharthnagar
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:06 PM IST
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अपराध्ा
- फोटो : amarujala
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इटवा/भनवापुर। पुराने और जर्जर तारों को बदलने में बिजली विभाग की लापरवाही से फिर एक महिला की जान चली गई। मामला त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के सिकौथा गांव का है। हाईवोल्टेज तार टूटने से खेत में मसूर की फसल काटने गई महिला इसकी चपेट में आ गई। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से ग्रामीणों में विभाग की लापरवाही के प्रति गुस्सा है। महिला के पति ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सिकौथा निवासी चिलहा (53) रविवार की सुबह साढ़े सात बजे खेत में मसूर की फसल काट रही थीं। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजरा 11 हजार वोल्ट का तार अचानक टूट कर गिर गया। तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पास के खेत में काम कर रही महिला ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। आनन-फानन ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति बंद कराई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घटना को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। उनका कहना है कि आएदिन तार टूटकर खेतों में गिर चुका है, मगर कर्मचारी तार बदलने की बजाए बार-बार उसे ही जोड़कर इतिश्री कर लेते हैं। महिला के पति सलारू ने बिस्कोहर चौकी पर प्रार्थना पत्र देकर बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में चौकी इंचार्ज विजय कुमार दुबे का कहना था कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, बिजली विभाग के जेई बीपी सिन्हा ने बताया कि खेत में अचानक पशु घुस आया था, जिससे बचने के लिए महिला भाग रही थी। इसी दौरान तारों पर बैठा कौए का झुंड भी उड़ने लगा। इससे तार आपस में टकराकर टूट गया।
तार टूटने से पहले भी हो चुकी हैं मौतें
बिजली के जर्जर तारों के टूटने से लोगों के असमय काल कवलित होने का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक माह पहले लोटन के परसौना गांव में टूटकर गिरे बिजली तार की चपेट में आने से बालक की मौत हो गई थी। आठ माह पहले लोटन के ही भिटपरा गांव में महिला ने टूटे तार की चपेट में आकर जान गंवा दी थी। खेत के रास्ते में यह तार एक रात पहले से गिरा हुआ था। सूचना देने के बाद भी विभाग ने आपूर्ति बंद नहीं की। नतीजतन, सुबह खेत की ओर जा रही महिला की गर्दन तार में उलझ गई और हाईवोल्टेज करंट से उसकी जान ले ली। बढ़नी, परसा, इटवा में भी कई मामले आ चुके हैं। बावजूद विभाग सबक नहीं ले रहा। पुराने और जर्जर तारों को बदलने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
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तार टूटने से पहले भी हो चुकी हैं मौतें
बिजली के जर्जर तारों के टूटने से लोगों के असमय काल कवलित होने का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक माह पहले लोटन के परसौना गांव में टूटकर गिरे बिजली तार की चपेट में आने से बालक की मौत हो गई थी। आठ माह पहले लोटन के ही भिटपरा गांव में महिला ने टूटे तार की चपेट में आकर जान गंवा दी थी। खेत के रास्ते में यह तार एक रात पहले से गिरा हुआ था। सूचना देने के बाद भी विभाग ने आपूर्ति बंद नहीं की। नतीजतन, सुबह खेत की ओर जा रही महिला की गर्दन तार में उलझ गई और हाईवोल्टेज करंट से उसकी जान ले ली। बढ़नी, परसा, इटवा में भी कई मामले आ चुके हैं। बावजूद विभाग सबक नहीं ले रहा। पुराने और जर्जर तारों को बदलने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
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